नूंह जिले के आटा गांव में बकरी के प्लॉट में घुसने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस खूनी संघर्ष में महिला-बच्चों समेत सात लोग घायल हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं। पीड़ित आनंद पुत्र बने सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई को पड़ोसी मौसम की बकरी उनके प्लॉट में घुस गई थी। उन्होंने बकरी को बाहर निकालते हुए मौसम से पशुओं को खुला न छोड़ने को कहा था। आनंद का आरोप है कि अगले दिन सुबह मौसम पक्ष के लोग एक मरी हुई बकरी उनके घर के सामने डालकर गाली-गलौज करने लगे, जिससे तनाव बढ़ गया। महिला-बच्चों पर लाठी-डंडों से हमला आनंद के अनुसार, जब वह अपने भाई जग्गी और एक दोस्त के साथ प्लॉट पर बैठे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोग एकजुट होकर वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला किया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी पीटा गया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर तो केस दर्ज कर लिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, थाना रोजका मेव के प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें मिल चुकी हैं। फिलहाल शौकीन पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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