करौली जिले में भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रकोप जारी है। यहां तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर होते-होते सड़कें और बाजार सूने पड़ जाते हैं। बीते दिनों जिले का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में तो पारा 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है, जो अत्यधिक गर्मी का संकेत है। सुबह 7 बजे से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है। दोपहर 12 बजे के बाद गर्मी का प्रकोप और बढ़ जाता है, जिससे लोगों की आवाजाही में भारी कमी आती है। दोपहर 2 बजे तक जिला मुख्यालय सहित अधिकांश बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। जूस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दे रही है।
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा ने नागरिकों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी है कि बुजुर्ग, बच्चे और बीमार व्यक्ति अत्यधिक गर्मी में घर से बाहर निकलने से बचें। आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और सिर को ढककर रखें। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए गन्ने का जूस, लस्सी, नींबू पानी, शिकंजी और दही जैसे तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी की चेतावनी दी है। इससे नौतपा के दौरान गर्मी के और अधिक तीखे होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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