जोधपुर के झालामंड इलाके में मोती मार्केट के पास रिंग रोड पर एक स्कूटी पीछे से ट्रक में घुस गई, जिससे 16 साल के नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा परिवहन विभाग के उड़नदस्ता को देखकर ट्रक में अचानक ब्रेक लगाने से हुआ। करीब एक किलोमीटर हादसे के बाद आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना दे दिया, जिससे करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। जिम से घर लौट रहा था, एम्स मोर्चरी में रखवाया शव मृतक की पहचान झालामंड चौराहे के पास हनुमान नगर निवासी दिव्यांशु प्रजापत (16) पुत्र कुलदीप प्रजापत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दिव्यांशु गुरुवार देर रात जिम से निकलकर स्कूटी पर अपने घर की तरफ लौट रहा था। इसी दौरान मोती मार्केट के पास यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी (पश्चिम) नरेंद्र सिंह देवड़ा, एडीसीपी (ट्रैफिक) शालिनी राज और एसीपी (बोरानाडा) आनंद सिंह सहित अन्य अधिकारी पुलिस टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को एम्स हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। आरटीओ की चेकिंग को बताया हादसे का कारण मृतक के चाचा दयाल प्रजापत ने आरोप लगाया है कि हादसे वाली जगह पर अक्सर आरटीओ की गाड़ी खड़ी रहती है। गुरुवार रात भी आरटीओ का उड़नदस्ता हाईवे पर भारी वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इसी दौरान एक ओवरलोड ट्रक वहां से गुजरा। आरटीओ उड़नदस्ते को देखकर ट्रक ड्राइवर घबरा गया और उसने अचानक ब्रेक लगा दिए। रफ्तार तेज होने के कारण पीछे स्कूटी पर चल रहा दिव्यांशु नियंत्रण नहीं रख सका और वह सीधे ट्रक के पीछे जा टकराया। इससे उसके सिर पर गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने सड़क पर लगाया जाम किशोर की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय और समाज के लोग मौके पर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों की भीड़ ने रिंग रोड और नीचे की सर्विस लेन पर पत्थर और बड़े-बड़े केबल के रोल डालकर पूरा रास्ता ब्लॉक कर दिया। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने देर रात तक लोगों से समझाइश का प्रयास किया। जब काफी देर तक प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस को रास्ता खुलवाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद वहां भीड़ कम हो गई। परिजन और समाज के लोगों की तीन मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी तीन मांगें रखी हैं। इनमें मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी दी जाए और एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस हादसे के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार ठहराए जा रहे आरटीओ उड़नदस्ते के कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने और उस स्थान पर भविष्य में आरटीओ की चेकिंग पूरी तरह से बंद करने की मांग की गई है।
Source link
