भोपाल के ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी उसके पति समर्थ शर्मा को आखिरकर गिरफ्तार कर लिया। घटना के 10 दिन बाद भी ट्विशा के शव का न तो अंतिम संस्कार हो सका है और न ही दोबारा पोस्टमार्टम किया जा सका है। समर्थ के गिरफ्तार होने के बा
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ट्विशा की मौत से लेकर अब तक का पूरा घटनाक्रम दैनिक भास्कर आपको दिखा रहा है…
ऐसे हुई ट्विशा केस की शुरुआत
सीन 1: 12 मई को ट्विशा का शव फांसी पर मिला
पति समर्थ के साथ ट्विशा की शादी की तस्वीर।
12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा ने फांसी लगा ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। ट्विशा के परिजन का कहना था कि बेटी के हाथ और कान पर चोट के नीले निशान हैं। घटना के बाद से ही पति समर्थ फरार हो गया।
सीन 2: मेजर भाई ने कहा- प्रताड़ित कर रहे थे
12 मई को ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि ट्विशा ने उन्हें फोन किया था। कहा था कि उसका पति पिछले 8 दिन से प्रताड़ित कर रहा था। छोटी-छोटी बातों पर उसका अपमान किया जा रहा है। मानसिक उत्पीड़न बढ़ गया है।
उसने बताया था कि वह भोपाल छोड़कर मायके लौटना चाहती है। परिवार के अनुसार, उसने नोएडा आने के लिए रिजर्वेशन भी करा लिया था, लेकिन इससे पहले उसकी मौत की खबर आ गई।
मेजर हर्षित ने कहा कि शादी के शुरुआती समय तक सब सामान्य था। नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार बदल गया। उसे “नाकारा” कहकर ताने दिए जाते थे। परिवार और उसकी परवरिश को लेकर भी अपमानित किया जाता था। इसकी वजह से वह डिप्रेशन में थी।
सीन 3: ट्विशा के परिजन ने थाने में हंगामा किया

थाने में हंगामा करते ट्विशा के परिजन।
ट्विशा शर्मा की आत्महत्या के मामले में परिजन महिला थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस से पिछले 24 घंटे में हुई कार्रवाई का हिसाब मांगा। आरोप लगाया कि रसूखदार परिवार होने की वजह से पति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
परिजन ने पति समर्थ सिंह पर हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बुधवार रात वे इंसाफ की मांग लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें देखकर थाने का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। वे रात 12 बजे तक थाने के बाहर खड़े रहे, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी ने उनसे बात तक नहीं की। परिजन ने उसके शव को लेने से इनकार कर दिया और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर अड़े रहे।
सीन-4: ट्विशा के परिजन ने सीएम हाउस में प्रदर्शन किया

ट्विशा के परिजन और पिता नवनिधि शर्मा 16 मई को सीएम हाउस के सामने पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हैं, इसलिए मध्यप्रदेश में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद ट्विशा के पिता और भाई को मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने अंदर बुलाकर चर्चा की।
सीन-4: गिरीबाला सामने आई, कहा- ड्रग एडिक्ट थी ट्विशा

18 मई को ट्विशा सुसाइड केस में पूर्व जज गिरीबाला सिंह मीडिया के सामने आई। उन्होंने मृत बहू और उसके परिजनों के खिलाफ कई बातें कहीं। गिरीबाला सिंह ने बताया कि बहू ट्विशा ने स्वेछा से गर्भपात कराया था। गर्भपात की प्रक्रिया के बाद वह अवसाद में आ गई थी। वह प्रतिदिन 6 से 7 घंटे के लिए कंज्यूमर फोरम में रहती हैं। गिरीबाला ने बताया कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थी। गांजे का नशा करती थी। नशा न मिलने पर उसे चिड़चिड़ापन होता था। गिरीबाला को कोर्ट ने जमानत दे दी थी।
सीन-5: ट्विशा के छत पर जाने के वीडियो सामने आए

18 मई को एक वीडियो सामने आया। इसमें ट्विशा शर्मा (31) मौत से पहले वह घर की छत पर जाती दिखाई दी है। कुछ देर बाद उसके शव को तीन लोग नीचे लाते दिख रहे हैं।
ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी वायरल हुई है। इसमें उसने लिखा “मुझे बहुत घुटन हो रही है मां… ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।” यह सीसीटीवी घर का था जिसे गिरीबाला सिंह ने कोर्ट व अन्य लोगों को सौंपा था।
सीन-6: सीएम से मुलाकात, दोबारा पीएम की मांग खारिज

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने 20 मई को सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। सीएम ने सीबीआई जांच का आश्वासन दिया। वहीं भोपाल कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी। इसी दिन राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया। समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
सीन-7: ट्विशा के शरीर पर चोटें मिलीं, पुलिस की चूक सामने आई

ट्विशा शर्मा डेथ केस में पुलिस की बड़ी चूक सामने आई। भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी। रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई निशान होने का उल्लेख था।
सीन-8: समर्थ ने जबलपुर कोर्ट में सरेंडर किया

ट्विशा की मौत के केस में पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद 22 मई को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यहां भोपाल पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। समर्थ की पहचान छुपाने के लिए जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में उसके कपड़े बदलवाए गए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने वकील समर्थ सिंह का वकालत का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने इसके आदेश दिए।

कमिश्नर बोले- निष्पक्षता से कर रहे जांच
ट्विशा के परिजन के आरोपों पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा- जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
पूर्व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को पुलिस की ओर से तीन नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई सहयोग नहीं मिला है। न तो उन्होंने नोटिस का जवाब दिया है और न ही बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुई हैं।
समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कराने के लिए पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आवश्यकता पड़ी तो कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।

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एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के केस में पति समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। यहां भोपाल पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। इस दौरान मीडिया ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह चुप्पी साधे रहा। कोर्ट परिसर में करीब एक घंटे तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
समर्थ को पुलिस अपने साथ भोपाल ले आई है। समर्थ की पहचान छुपाने के लिए जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में उसके कपड़े बदलवाए गए। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक, शनिवार को उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी जाएगी, जिसके बाद आरोपी से पूछताछ होगी। पढ़ें पूरी खबर…
