लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के निकट गांव मंड जोधवाल के जंगल में आज आग लग गई। इस घटना में कई पेड़ जलकर राख हो गए। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व या लकड़ी चोरों का काम हो सकता है। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव के निवासियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन जंगल के अंदरूनी हिस्से में आग होने के कारण गाड़ी भीतर नहीं जा सकी। इसके बाद, दमकल कर्मियों ने पानी की पाइपों को लंबा करके आग बुझाने का प्रयास किया। जब यह तरीका कारगर नहीं हुआ, तो फायर कर्मी गांव वालों के साथ मिलकर पारंपरिक तरीकों से आग बुझाने में जुट गए। दो घंटे बाद आग पर पाया जा सका काबू करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यह जंगल कई जानवरों का निवास स्थान है, जिनमें छोटे जानवर भी शामिल हैं जो अपने बिलों में रहते हैं। आशंका है कि कुछ जानवर अपनी जान बचाकर भाग गए होंगे, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए कुछ जानवरों के आग की चपेट में आने की भी संभावना है, जिसका पता धीरे-धीरे चलेगा। वन्य विभाग ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आग किसने लगाई, क्योंकि घटनास्थल पर न तो कोई बिजली की तारें गुजर रही हैं और न ही यह आग किसी खेत से फैली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आग जंगल के बिल्कुल बीच में लगी थी। गांव के सरपंच गुरचरण सिंह व गांव निवासियों ने मांग की कि जंगल के अंदर काफी मात्रा में सरकडा सुका खड़ा है जो बहुत जल्द आग को पकड़ता है। उसकी सफाई करवानी बेहद जरूरी है और साथ में जंगल में रहते जानवरों के पानी का भी प्रबंध होना चाहिए और जंगल के चारों तरफ कांटे दार तार लगा देनी चाहिए।
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