बलरामपुर रामानुजगंज के वाड्रफनगर के 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक जांच टीम बनाई है। जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम सोनहत की रहने वाली राजकालिया (पति रामअवतार) को बुखार होने पर घरवाले इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर आए थे। घरवालों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसके शरीर में तेज खुजली और बेचैनी शुरू हो गई। इसके बाद करीब 10 मिनट के भीतर उनकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप आक्रोशित घरवालों ने आरोप लगाया कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर सही इलाज नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर तुरंत इलाज मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। महिला की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। महिला की मौत मामले में जांच टीम गठित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक जांच टीम बनाई है। इस टीम का अध्यक्ष जिला अस्पताल बलरामपुर के जनरल सर्जन डॉ. रमेश कुमार को बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. इंदु अवस्थी (एमडी पीडियाट्रिशियन) को सदस्य बनाया गया है। जांच टीम में सहायक ग्रेड-3 मुकेश मुखर्जी और डाटा एंट्री ऑपरेटर शंकर साहा भी शामिल हैं, जो जांच में सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम को निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले की सही स्थिति की जांच करे और नियमों के अनुसार अपनी रिपोर्ट तैयार करके जमा करे।
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