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डबवाली में नशा मुक्ति अभियान: एसपी जसलीन कौर बोलीं- नशे से दूर रहे युवा, नि:शुल्क दवाईयों का वितरण किया – dabwali News

डबवाली में नशा मुक्ति अभियान:  एसपी जसलीन कौर बोलीं- नशे से दूर रहे युवा, नि:शुल्क दवाईयों का वितरण किया – dabwali News

डबवाली पुलिस ने गांव मौजगढ़ में नशा मुक्ति पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी जसलीन कौर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेलता है। एसपी ने युवाओं को नशे से बचाने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। एसपी ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि डबवाली पुलिस नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी ने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी या अवैध बिक्री से संबंधित जानकारी मानस पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1933, पुलिस मोबाइल नंबर 9138999748 या नजदीकी थाना-चौकी में दें। उन्होंने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया। नि:शुल्क दवाईयों का वितरण कार्यक्रम के दौरान नशा पीड़ितों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और ग्रामीणों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई। नागरिक अस्पताल डबवाली के चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपचार और परामर्श सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया। इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय योगेश कटारिया, थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, नशा मुक्ति टीम प्रभारी सुग्रीव सिंह, स्वैट टीम प्रभारी मदनलाल और गांव मौजगढ़ के सरपंच प्रिंस बिश्नोई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। ग्रामीणों ने पुलिस के नशा विरोधी अभियान की सराहना की और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सरपंच ने किया खुलासा गांव मौजगढ़ में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम के दौरान गांव के सरपंच प्रिंस बिश्नोई ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन के सामने स्वीकार किया कि गांव में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि गांव के करीब 30 युवा इंजेक्शन के जरिए नशा कर रहे हैं, जबकि लगभग 450 युवा मेडिकल नशे की चपेट में हैं। सरपंच के इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और ग्रामीण भी गंभीर नजर आए। ग्रामीणों ने दिया पुलिस को सहयोग का भरोसा सबसे अहम बात यह रही कि पंचायत ने पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के समक्ष साफ कहा कि गांव का कोई भी व्यक्ति नशा तस्करों की पहचान सार्वजनिक रूप से नहीं करेगा। इससे गांव में फैले डर और नशा तस्करों के प्रभाव की स्थिति भी सामने आई। हालांकि पंचायत और ग्रामीणों ने नशा मुक्त अभियान में पुलिस का सहयोग करने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में डबवाली पुलिस ने लोगों से गोपनीय तरीके से सूचना देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी।



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