भारत का तिरंगा अब उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी पर लहराने की तैयारी में है। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ़ गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही और सेवन समिट्स विजेता नरेंद्र सिंह यादव मेक्सिको स्थित माउंट पिको दे ओरिज़ाबा अभियान का नेतृत्व करेंगे। वे मंगलवार 26 मई को भारत से रवाना हो चुके हैं। सात दिन तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में कई देशों के अनुभवी पर्वतारोही हिस्सा लेंगे। मूल रूप से रेवाड़ी जिले के गांव नेहरूगढ़ के रहने वाले नरेंद्र यादव की मौसेरी बहन पद्मश्री संतोष यादव भी दो बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला हैं। नरेंद्र की यह उपलब्धियां इसलिए भी खास हैं, क्योंकि आज से 5 साल पहले पर्वतारोहण के दौरान फ्रॉस्टबाइट (एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर का कोई अंग अत्यधिक ठंड के कारण जम जाता है) का शिकार हो गए थे। डॉक्टरों ने उनके पैर काटने को कह दिया था। हालांकि, 2 साल उपचार चला, जिस कारण पैरों की अंगुलियां सीधी ही रहती हैं, मुड़ती नहीं। इसके बावजूद नरेंद्र सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियां फतह करने वाले बन चुके हैं। 4 पॉइंट में जानिए पिको डी ओरिजाबा की खासियत… जानिए नरेंद्र यादव के पर्वतारोही बनने का सफर…
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