मधुबनी जिले के शहरी क्षेत्र (वार्ड 1 से 45) में बुधवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत एक मेगा ड्राइव आयोजित किया गया। सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) के अंतर्गत इस अभियान का लक्ष्य एक ही दिन में 15 हजार लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाना था। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भउआरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 112 से इस कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन किया। उद्घाटन के तुरंत बाद, जिले के शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में विशेष मेगा कैंप लगाए गए। इन विशेष कैंपों में जीविका दीदियों, उनके परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को दवा का सेवन कराया गया। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार और जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी एस सिंह ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर दवा वितरण कार्य की प्रगति का मूल्यांकन किया। डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा खाने के बाद यदि किसी व्यक्ति को हल्की उल्टी या चक्कर जैसी प्रतिक्रिया होती है, तो यह एक शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि दवा शरीर में मौजूद मैक्रो फाइलेरिया के परजीवियों को मार रही है। उन्होंने लोगों से ऐसे लक्षणों से भयभीत न होने और निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस मेगा ड्राइव की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी इस अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। स्वास्थ्य विभाग को विश्वास है कि जन सहयोग से यह पहल ‘फाइलेरिया मुक्त मधुबनी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी एस सिंह सहित अन्य अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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