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उदयपुर में सोमवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने तीन स्थानों पर कार्रवाई की। यूडीए की टीम ने दो स्थानों पर नियम विपरीत किए निर्माण को सील किया। वहीं एक स्थान पर अवैध अतिक्रमण हटाया। ग्राम बड़ी में एक होटल को सील किया। इसके निर्माण को यूडीए के नोटिस पर कॉमर्शियल निर्माण स्वीकृति, व्यवसायिक पट्टा विलेख आदि पेश नहीं कर सके और कमरों की बुकिंग की जा रही थी। यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने बताया- राजस्व ग्राम बड़ी के आराजी संख्या 1003, 1014, 3388/1016 पर कृषि भूमि में बिना रूपांतरण, बिना स्वीकृति एवं बिना भू-उपयोग परिवर्तन करवाए विष्णु शंकर द्वारा इंडल्ज उदयपुर बाई पेक नाम से होटल का निर्माण कर कॉमर्शियल गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। होटल पर ऑनलाइन वेबसाइट से कमरों की बुकिंग भी की जा रही थी। कमिश्नर जैन ने बताया- ये दोनों निर्माण सज्जनगढ़ बायो पार्क के इको सेंसेटिव जोन में स्थित हैं। नोटिस जारी किया, निर्माण स्वीकृति नहीं किया प्रस्तुत
इस निर्माण के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 32 के तहत मामला दर्ज कर नोटिस जारी किए गए। नोटिस के जवाब में किसी भी प्रकार की कॉमर्शियल निर्माण स्वीकृति, व्यवसायिक पट्टा विलेख आदि प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने इसे सील कर दिया। उपायुक्त जगदीश सिंह आशिया ने बताया- राजस्व ग्राम लियो का गुडा के आराजी संख्या 298 किस्म आबादी नगर विकास प्रन्यास उदयपुर के नाम दर्ज भूमि पर नलीन गौड़ ने बिना सक्षम स्वीकृति के जी2 का निर्माण किया था। निर्माण को प्राधिकरण राजस्व दल ने पहले भी रुकवाया था। वहीं आगे बिना स्वीकृति प्राप्त किए किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया था। प्राधिकरण ने प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया था। नोटिस के जवाब में किसी भी प्रकार की स्वीकृति एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर इसे सील किया गया। बिना स्वीकृति के कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति नहीं
कमिश्नर जैन ने बताया- ये दोनों निर्माण सज्जनगढ़ बायो पार्क के इको सेंसेटिव जोन में स्थित हैं। इसमें बिना स्वीकृति के इस प्रकार के कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति नहीं है। इको सेंसेटिव जोन में नियमन की स्वीकृति राज्य सरकार एवं इको जोन सेंसेटिव कमेटी की स्वीकृति के बाद ही जारी की जाती है। राजस्व ग्राम ढीकली के आराजी संख्या 4028 प्राधिकरण मेगा आवास योजना में पास स्थित 100 फीट सड़क मार्गाधिकार के पास स्थित प्राधिकरण के नाम दर्ज भूमि पर लगभग 1500 वर्गफीट पर निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा था। इस निर्माण को प्राधिकरण दल ने पहले रुकवाते हुए पाबंद किया था। इसके बाद भी मौके पर चोरी-छिपे निर्माण किया जा रहा था। राजस्व दल ने अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई में तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा, भू-अभिलेख निरीक्षक राजेंद्र सेन, बाबूलाल तेली, राजेश मेहता, प्रतापसिंह राणावत, दूलीचंद शर्मा, पटवारी दीपक जोशी आदि मौजूद रहे।
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