शहर में हिंदू नववर्ष का स्वागत कुछ अलग अंदाज में हुआ। सैकड़ों लोग सुबह अटल घाट में एकत्र हुए और उगते हुए सूर्य को जल दिया। इतना ही नहीं जमकर आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। प्राचीन, पवित्र और प्रकृति के शांत वातावरण में ध्रुपदनाट्यम का आयोजन हुआ, जिसमें गणेश वंदना , शिव स्तुति , सूर्य स्तुति के साथ कत्थक एवं भरतनाट्यम की जुगलबंदी हुई। नासिक से आये ढ़ोल एवं अन्य वाद्ययंत्रों तथा गंगा की धारा के मध्य नाव से कलर ब्लास्ट व तोपों से फूलों की वर्षा करते हुए भारतीय नववर्ष का अभूतपूर्व, अलौकिक स्वागत किया गया। शंखनाद के साथ भगवान भास्कर को जल अर्पण किया। कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए। मंत्रोच्चारण व ध्रुपद धारा से वंदे मातरम एसोसिएशन के महामंत्री कृष्ण कुमार दुबे ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी रहे। सुबह 6:31 से 6:36 तक सुधांशु आश्रम और नारायण सेवा आश्रम के बटुकों द्वारा मंत्रोच्चारण से सूर्य की आराधना हुई। 6:36 से 6:52 तक आचार्य पंडित कालीचरण दीक्षित के नेतृत्व में मां गंगा की आरती हुई , 6: 52 से 7:05 तक ध्रुपद धारा की विधा के माध्यम से वंदे-मातरम की प्रस्तुति हुई। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे अटल घाट बड़ी संख्या में लोग अटल घाट, गंगा बैराज में प्रातः मां गंगा के आंचल में उदित होते भगवान भास्कर की किरणों के साक्षी बने। संस्था के संरक्षक डॉ संजय कपूर द्वारा मुख्य अतिथि व कर्नाटक से आई प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ पद्मजा को स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पनकी के महंत कृष्ण दास, सिद्धनाथ आश्रम के महंत बालयोगी अरूण पुरी, ज्योतिषाचार्य केए दुबे ‘पदमेश, ज्योतिषाचार्य रमेश चिंतक, अजीत अग्रवाल और प्रतीक श्रीवास्तव आदि रहे।
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