राजगढ़ जिले में मंगलवार को जल, सिंचाई प्रबंधन और क्षमता निर्माण के विशेषज्ञों का तीन दिवसीय दौरा शुरू हुआ है। विशेषज्ञ मोहनपुरा और कुंडलिया डैम से लाभान्वित सिंचाई क्षेत्रों का अध्ययन कर रहे हैं।
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दल में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के डॉ. एनके राजेश कुमार, डॉ. रोहित शर्मा और जल शक्ति मंत्रालय की आमली जीके शामिल हैं। विशेषज्ञों ने पहले दिन परियोजना कार्यालय में जल प्रबंधन और वितरण प्रणाली को समझा। इसके बाद डैम निर्माण स्थल और पंप हाउस का निरीक्षण किया।
किसानों के साथ हुई चर्चा में पता चला कि पिछले तीन वर्षों से दबावमुक्त सिंचाई पद्धति अपनाने से फसल उत्पादन दो से तीन गुना बढ़ा है। इस प्रणाली से किसानों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आया है।
परियोजना प्रशासक विकास राजोरिया ने बताया कि विशेषज्ञों को डेम, प्रेशराइज्ड इरिगेशन और ग्रेविटी सिंचाई पद्धति की जानकारी दी गई। कल (बुधवार) दल कुंडलिया डैम क्षेत्र का भ्रमण करेगा। इस अध्ययन से जिले में जल उपयोग और सिंचाई प्रणाली को और बेहतर बनाने के सुझाव मिलेंगे।
कार्यक्रम में परियोजना प्रशासक विकास राजोरिया, शुभंकर विश्वास, संदीप दुबे और विपिन तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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