पति राजा रघुवंशी की हत्या के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर गंभीर चिंता जताते हुए, मेघालय सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर उन्हें पहले से मिली जमानत रद्द करने की मांग की है। अपनी दलील में राज्य ने तर्क दिया कि ईस्ट खासी हिल्स में सेशंस कोर्ट का जारी किया गया बेल ऑर्डर रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि यह फैसला अपराध की गंभीरता और न्याय पर इसके संभावित असर पर ठीक से विचार करने में नाकाम रहा।
राज्य सरकार ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और इसकी सख्त न्यायिक जांच की जरूरत है। 27 अप्रैल को, शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामियों को देखते हुए लगभग एक साल बाद सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी। कोर्ट ने पाया कि उन्हें दिए गए “गिरफ्तारी के आधार की जानकारी” डॉक्यूमेंट में चेकबॉक्स पर निशान नहीं थे और भारतीय न्याय सेवा (BNS) के तहत एक इनकॉरपोरेट पीनल प्रोविज़न का भी ज़िक्र किया गया था। कोर्ट ने पाया कि उन्हें दिए गए “गिरफ्तारी के आधार की जानकारी” डॉक्यूमेंट में चेकबॉक्स अनटिक थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गलत सजा का नियम भी बताया गया था। न्यायालय ने कहा कि किसी भी दस्तावेज में याचिकाकर्ता को यह नहीं बताया गया कि उसे बीएनएस की धारा 103(1) के तहत कहीं अधिक गंभीर अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है और इस तर्क को खारिज कर दिया कि यह महज एक लिपिकीय त्रुटि थी। इस बात को भी ध्यान में नहीं रखा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था जिससे पता चले कि 9 जून, 2025 को जब पिटीशनर को पहली बार गाज़ीपुर की एक कोर्ट में पेश किया गया था, तो उसके पास कोई लीगल रिप्रेजेंटेशन था। सोनम को किया नोटिस जारी मेघालय हाई कोर्ट ने मंगलवार (5 मई) को सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया। बता दें की सरकार ने निचली अदालत से उन्हें मिली ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी। सरकार ने सोनम की बेल के खिलाफ पिटीशन डाली थी। एक सोर्स ने बताया कि बेल कैंसिल करने की एप्लीकेशन पर कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी किया हैं। इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते होगी। सरकार का तर्क है कि सोनम को गिरफ्तारी के कारणों के बारे में अच्छी तरह पता था और इस बारे में डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में जमा किए गए थे। यह है कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने अभी ज़मानत रद्द नहीं की है, मामले को आगे बढ़ाने के लिए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे आरोपी (सोनम रघुवंशी) को इस याचिका के बारे में औपचारिक सूचना भेजें। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। सोनम को मिली जमानत से परिवार में आक्रोश कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को पुलिस की जांच प्रक्रिया में रही तकनीकी खामियों के आधार पर जमानत दे दी थी। सोनम जेल से बाहर आ गई, जिसके बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिजनों ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने इसे न्याय के साथ खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि साजिश के मुख्य किरदार ही बाहर आ जाएंगे तो गवाहों को खतरा हो सकता है। अब सबकी नजरें फैसले पर सोनम की रिहाई के बाद अब राज की जमानत पर आने वाला फैसला इस केस की दिशा तय करेगा। यदि राज को भी जमानत मिलती है तो राजा के परिजन हाई कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल, शिलॉन्ग कोर्ट के सुरक्षित रखे गए आदेश पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। ये खबर भी देखें… राजा मर्डर- सोनम बोली- मर्डर प्लान राज ने बनाया इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस की आरोपी उसकी पत्नी सोनम और कथित प्रेमी राज कुशवाह के बीच पुलिस शिकंजे में आने के बाद दरार आनी शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे को राजा की हत्या का मास्टरमाइंड बता रहे हैं। मेघालय के ईस्टर्न रेंज के DIG डेविस एनआर मारक ने कहा- दोनों में से कौन मास्टरमाइंड है? इसका खुलासा तब होगा, जब उनका आमना-सामना कराया जाएगा। अभी उनसे अलग-अलग पूछताछ कर रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें
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