जालोर में एएनटीएफ और जोधपुर एनसीबी ने ऑपरेशन विषवाहिनी के तहत एमडी ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाला 234 किलो प्रतिबंधित केमिकल जब्त किया है। टीम ने जालोर-बाडमेर बॉर्डर पर रामजी का गोल गांव के पास कार्रवाई करते हुए टैंकर को पकड़ा और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि केमिकल हैदराबाद से गुडामालानी क्षेत्र लाया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार जब्त केमिकल से करीब 60 किलो एमडी बनाई जा सकती थी, जिसकी बाजार कीमत करीब 18 करोड रुपए बताई जा रही है। हैदराबाद से राजस्थान तक टैंकर की निगरानी एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान और गुजरात में लगातार कार्रवाई के बाद तस्करों ने दूसरे राज्यों से केमिकल मंगाना शुरू कर दिया था। इसी के तहत बाडमेर के तस्करों ने तेलंगाना से केमिकल मंगाने की योजना बनाई। एएनटीएफ को हैदराबाद में मुखबिर तंत्र से सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और मुखबिरों की मदद से टैंकर पर लगातार नजर रखी गई। नांदेड़, धुले, वडोदरा होते हुए पहुंचा राजस्थान टैंकर हैदराबाद से रवाना होकर नांदेड़, जलगांव, धुले, वडोदरा, अहमदाबाद और पालनपुर होते हुए राजस्थान पहुंचा। एजेंसी ने टैंकर का पीछा करने के लिए एक ट्रक भी लगाया था। बीच में दो बार टीम टैंकर से पीछे रह गई, लेकिन नांदेड़ और जलगांव में फिर से उसकी लोकेशन मिल गई। रामजी का गोल गांव में घेरा टैंकर जैसे ही टैंकर राजस्थान सीमा में पहुंचा, सांचौर से जालोर एएनटीएफ टीम उसके पीछे लग गई। जालोर और बाडमेर बॉर्डर पर रामजी का गोल गांव में एक होटल के पास टीम ने टैंकर को घेर लिया। मौके पर एनसीबी टीम को बुलाकर कार्रवाई शुरू की गई। 6 ड्रम में भरा मिला प्रतिबंधित केमिकल टीम ने टैंकर से 6 ड्रम में भरा 234 किलो 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफिनोन केमिकल बरामद किया। मामले में बाडमेर निवासी दिनेश विश्नोई और बालोतरा निवासी कमलेश विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। टैंकर को भी जब्त कर लिया गया है। गुजरात और गोवा तक जुड़े हो सकते हैं तार प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार राजस्थान, गुजरात, गोवा और हैदराबाद तक जुड़े होने की आशंका जताई गई है। गुजरात में भी कई जगह दबिश दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जब्त केमिकल से करीब 60 किलो एमडी बनाई जा सकती थी। एमडी की प्रति किलो बाजार कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई है।
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