नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक विवाद और बढ़ते दबाव के बीच मंगलवार को नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा रद्द किए जाने पर राज्यसभा सांसद और जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने केंद्र सरकार व परीक्षा प्रणाली पर हमला बोलते हुए इसे छात्रों के साथ बड़ा विश्वासघात बताया। बता दें कि, यह परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित की गई थी, जिसमें 22.79 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। इस निर्णय से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। सांसद अनुराग शर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पेपर लीक की ये घटनाएं राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं हैं। 9 सालों में चार बार हुआ पेपर लीक : अनुराग शर्मा उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में नीट का पेपर चार बार लीक हो चुका है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक किसी भी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने सवाल किया कि यह कौन सा माफिया है जो देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसी घटनाएं बार-बार भाजपा के शासनकाल में ही क्यों घटित होती हैं। शर्मा ने इस पूरे प्रकरण को एक सुनियोजित सिंडिकेट और बड़े नेताओं के इशारे पर चलने वाला खेल बताया। सांसद ने छात्रों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि कई परिवारों ने कर्ज लेकर अपने बच्चों को दो-तीन साल तक कोचिंग करवाई। छात्र दिन में 20-20 घंटे पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण उनकी मेहनत व्यर्थ चली जाती है। हिमाचल प्रदेश के 32 हजार स्टूडेंट हुए प्रभावित उन्होंने बताया कि देशभर में 22.79 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में यह संख्या करीब 32 हजार है, जिसमें अकेले जिला कांगड़ा में 6 हजार और धर्मशाला क्षेत्र के 2 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। अनुराग शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। पार्टी इस पूरे पेपर लीक सिंडिकेट की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की अपनी मांग पर अडिग है, ताकि इस मामले में शामिल चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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