मथुरा के बरसाना में पूर्व चेयरमैन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वकील का अपहरण करने और बंधक बनाए जाने के मामले में कस्बा वासियों ने 12 गांव के ग्रामीणों के साथ महापंचायत की। इस महापंचायत में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि पूर्व चेयरमैन का समाज से बहिष्कार किया जाता है इसके साथ ही अगर कोई संबंध रखता है और कोई उन्हें अपने घर बुलाता है तो उसका भी बहिष्कार किया जाएगा। 5 घंटे चली पंचायत बरसाना के ब्रषभानु कुंड पर एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में बरसाना के अलावा 12 गांव चिकसोली,मानपुर,रूपनगर,ढाबला,रकौंली, नाहरा,हथिया, कमई, करहला,श्री नगर, पिसावा,संकेत आदि गांव के लोग शामिल हुए। 5 घंटे तक चली पंचायत में शामिल लोगों ने अपने अपने विचार रखे। किसी ने कहा यह घटना शर्मनाक,किसी ने कहा बाहरी लोग यहां आकर ब्रजवासियों को पहले बरगलाते हैं और फिर उनके साथ ही गुंडई करते हैं। क्षमा योग्य नहीं है अपराध महापंचायत में शामिल लोगों ने कहा यह अपराध क्षमा योग्य नहीं है। मान मंदिर के सचिव सुनील सिंह ने कहा कि इस तरह की वारदात बरसाना में पहली बार हुई है। चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने कहा कि पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी ने जो कृत्य किया वह क्षमा योग्य नहीं है। उसने ब्रजवासी के साथ मारपीट की उसे बंधक बनाया। इसलिए उसका समाज से बहिष्कार किया जाता है। इसके साथ ही जेल से आने के बाद बलराज चौधरी से जो संबंध रखेगा या अपने घर किसी कार्यक्रम में बुलाएगा उसका भी बहिष्कार होगा। यह था मामला रविवार को बरसाना के पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी के बेटे गोपाल ने अपने साथियों के साथ सुप्रीम कोर्ट के वकील और बरसाना के निवासी दिवाकर शर्मा के साथ मारपीट की और अपहरण कर कोठी पर बंधक बना लिया। जहां आरोप है कि बलराज ने अपने गुर्गों के साथ दिवाकर के साथ जमकर मारपीट की और कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया था। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कोठी से दिवाकर को मुक्त कराया था। पुलिस ने इस मामले में बलराज के अलावा कोठी पर मौजूद 44 लोगों को पकड़ कर जेल भेजा था।
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