‘नीट पेपर लीक ने हमारा भरोसा तोड़ा है। सालों से जो लोग हमारे साथ काम कर रहे थे, उन्होंने ही पेपर लीक कर दिए। लीक किस–किस ने किया, कैसे किया ये जांच के बाद पता चल जाएगा। लेकिन ऐसा लग रहा है कि, सवाल रटकर लीक किए गए हैं।’
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‘क्योंकि क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स को तय प्रोटोकॉल के साथ रखा जाता है। जिन किताबों से सवाल तैयार होते हैं, वो बाहर नहीं जातीं। कोई डिवाइस पास नहीं होती।’
‘इसका मतलब है कि, क्वेश्चन पेपर तैयार करने वालों ने कमरे पर जाकर पहले किताब लिखी होगी और फिर उससे सवाल बनाए होंगे और फिर उन्हें लीक किया। लेकिन अब ऐसा सिस्टम बना रहे हैं, जिससे कोई एक व्यक्ति सब चौपट नहीं कर पाएगा। क्या कर रहे हैं, वो अभी नहीं बता सकता।’
ये बात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की टॉप अथॉरिटी ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कही है। हालांकि, उन्होंने नाम नहीं लिखने को कहा है।
सवाल–जवाब में पढ़िए उनका पूरा इंटरव्यू…
सवाल: 22 लाख छात्रों और उनके पैरेंट्स का भरोसा फिर से कायम करने के लिए NTA इस बार क्या मेजर्स लेने जा रही है? कौन से स्टेप आप पहली बार इम्प्लीमेंट करने वाले हैं?
जवाब: जो हुआ वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। नहीं होना चाहिए था। हमारी नीति जीरो टॉलरेंस, जीरो एरर की थी। जांच में पता चलेगा कि दोषी कौन है। बहुत से लोग गिरफ्तार हुए हैं।
फिलहाल कैंडिडेट्स के हित में कई फैसले लिए हैं। उन्हें फीस जमा नहीं करनी होगी। पुरानी फीस वापस होगी। राज्यों से रिक्वेस्ट की है कि वे बच्चों को एग्जाम सेंटर तक ट्रांसपोर्टेशन फ्री दें।
फर्स्ट च्वॉइस वाला सेंटर देने की कोशिश कर रहे हैं। 3 लाख बच्चों ने सेंटर बदलने की मांग की है, सभी को उनकी पसंद का सेंटर देने की कोशिश है।
सेफ्टी और सिक्योरिटी के प्रोटोकॉल को दोबारा रिव्यू किया है। हर ऐसे स्टेप पर जहां कोई माफिया इंटरवीन कर सकता है, उसको खत्म किया है।
जिन्होंने अभी गड़बड़ी की, वो सालों से हमारे साथ काम कर रहे थे। उन्होंने विश्वासघात किया है। दिक्कत यही होती है कि आपके विश्वासीय लोगों में से ही कोई गड़बड़ कर दे, तो उससे बुरी बात नहीं हो सकती।
अब हर चीज को तीन-चार बार चेक कर रहे हैं। कुछ व्यवस्थाएं ऐसी हैं जिन्हें सिक्योरिटी रीजन से डिस्क्लोज नहीं कर सकता, लेकिन ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि ये चीज न हो।
21 जून को परीक्षा होने के बाद इस बारे में डिटेल में सब कुछ बताऊंगा। अभी बोलना कम, करना ज्यादा है। पेपर सेट करने का एक्सेस किसी एक के पास नहीं जाएगा। काफी कुछ किया है, ताकी गड़बड़ी को मिनिमाइज किया जा सके।
ये 3 मई को हुई नीट एग्जाम का फोटो है। देशभर से करीब 23 लाख स्टूडेंट्स एग्जाम में शामिल हुए थे।
सवाल: NTA जैसी देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी में केवल 22 अधिकारी डेप्यूटेशन पर हैं, 39 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी हैं और 132 आउटसोर्स इम्पलॉई हैं। ऐसे में 22 लाख स्टूडेंट्स की परीक्षा करवाना कितनी बड़ी चुनौती है?
जवाब: भारत सरकार ने दो ज्वॉइंट सेक्रेटरी पोस्ट किए हैं। दो डायरेक्टर पोस्ट किए हैं। हमने कुछ पोजिशन भी निकाली हैं, लेकिन 21 जून तक इसका लिमिटेड रोल होगा।
हां, NTA को अपनी कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने की जरूरत है। लॉन्ग टर्म में बहुत कुछ करना है। क्या करना है, वो पता है। उस पर काम शुरू कर दिया है।
सवाल: पेपर लीक में महाराष्ट्र, बिहार और राजस्थान का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। हरियाणा, उत्तराखंड, केरल और झारखंड में भी CBI की जांच चल रही है। इन राज्यों को लेकर इस बार क्या तैयारी है?
जवाब: सब जगह सतर्कता रखेंगे। हम चोर-पुलिस नहीं खेल सकते। हम ऑर्गनाइज्ड क्राइम से डील कर रहे हैं। ये मानकर चलना पड़ेगा।
सवाल: NTA ने प्रिंटिंग से डिस्ट्रिब्यूशन और CCTV मॉनिटरिंग तक के लिए अलग कंपनियों को जिम्मा दे रखा है। ऐसी कितनी कंपनियां अभी NTA के साथ काम कर रही हैं?
जवाब: इस मामले में कोई चूक नहीं हुई। मूवमेंट, स्टोरेज, परीक्षा सेंटर पर 3 मई तक कहीं से कोई घटना का क्लू नहीं था। 4, 5, 6 मई तक भी कोई शिकायत नहीं थी। हमारे पास मार्कशीट वापस आ गई थीं। वैल्यूएशन का काम शुरू हो गया था।
हम तो बस यही कहेंगे कि गड़बड़ी को दबाएं नहीं, उसकी जड़ तक जाएं। कोई माफिया और पैसे वाला व्यक्ति ईमानदार बच्चों की सीट न ले पाए, इसलिए इतना बड़ा निर्णय लिया, एग्जाम रद्द कर दिया। 3 मई के पहले खबर मिल जाती तो हम इस सिचुएशन में जाते ही नहीं।
हमने सोशल मीडिया की टीम बढ़ाई है। टेलीग्राम चैनल के साथ भी मंत्रीजी की मीटिंग करवाई। उनको भी निर्देश दिए कि आप सतर्कता बढ़ाइए। क्यों वो चैनल चलाते हैं जिसमें NEET पेपर लीक के नाम पर ग्रुप चलते हैं। चौतरफा प्रयास करेंगे। मुख्य दायित्व तो NTA और सरकार का है। मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। जो भी मीडिया ये चला रही है कि, NTA अपने सिस्टम को पूरा पुख्ता बता रहा है, ऐसा नहीं है। गड़बड़ी हुई है तो फिर हमारा सिस्टम भी पुख्ता कहां रहा।
सवाल: क्वेश्चन पेपर सेट करने वाले सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स के पास भी सिस्टम का एक्सेस होता है, सवाल भी मालूम होते हैं। फिर ये कैसे इंश्योर होगा कि सवाल लीक न हों? आने वाली एग्जाम्स में भी ऐसा हो सकता है?
जवाब: ये लोग टीचर हैं। इनको अगर याद हो जाए, कमरे में जाकर लिख लें, तो वो भी एक समस्या है। किताब से ही प्रश्न बनता है। इनको हम किताब ले जाने नहीं देते। कमरे में जाकर उसी किताब को लिखकर उसी चीज को लिख दें, जो इन्होंने यहां लिखा था और उसको आउट कर दें। फिजिक्स का कुछ नहीं हुआ है। केमेस्ट्री का ज्यादा हुआ है। बायोलॉजी का कम हुआ है। पूरा खुलासा इन्वेस्टिगेशन में होगा। लेकिन एक भी प्रश्न लीक हुआ तो दिक्कत है।
ट्रांसलेटर ने गड़बड़ी की है तो मैं ये नहीं कहूंगा कि ये NTA की गड़बड़ी नहीं है। ये कह सकता हूं कि, परीक्षा केंद्र और मूवमेंट के तंत्र से लीक नहीं हुआ है, उसके पहले हुआ है।
ट्रांसलेटर से हो रहा है, लेकिन उसको लाने की जिम्मेदारी भी NTA की है। गड़बड़ी नहीं है तो हम कैंसिल क्यों करेंगे। इतना बड़ा निर्णय आसान नहीं होता। बीमारी को जड़ से हटाना है तो सर्जरी करना पड़ती है।
अभी जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा है, उसमें मेरा एक्सपर्टाइजेशन नहीं है, मेंडेट भी नहीं है। अभी मेरा लक्ष्य 21 जून को सही तरीके से परीक्षा करवाना है। अर्जुन की तरह लक्ष्य पर नजर है।
मैंने CBI को कहा कि जो भी दोषी है, NTA के अंदर का हो, उसको पकड़कर बाहर करेंगे। चार बच्चों ने सुसाइड कर लिया है। ये कैसे हो सकता है। ग्लानि होती है। ये नॉर्मल नहीं है। हमें सुनिश्चित करना है कि दोबारा कोई चूक न हो।
अब सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को भी रेस्ट्रिक्ट किया जाएगा। एक व्यक्ति के ऊपर निर्भरता कम करनी पड़ेगी, ताकि अगर एक व्यक्ति गड़बड़ करे तो पूरा प्रोग्राम चौपट न हो जाए। मल्टीपल लोग रहें और मल्टी-लेयर में काम हो।
21 जून को दोबारा परीक्षा – 3 मई को हुई एग्जाम में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के बाद नीट यूजी 2026 की री–एग्जाम 21 जून 2026 को होगी। वक्त दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। इस बार भी एग्जाम पेन-एंड-पेपर मोड में होगी।
इसमें 22 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हो सकते हैं। जिन स्टूडेंट्स ने एग्जाम सेंटर चेंज करने के लिए आवेदन किया है, उनके सेंटर बदलने पर काम जारी है।
NTA कैसे सेट करता है क्वेश्चन पेपर, प्रॉसेस जानिए
स्टेप 1 : NTA फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को बुलाता है। इनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। इन्हें सीक्रेट जगह पर रखा जाता है, जहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकता।
स्टेप 2 : प्रश्ननपत्र तैयार होने के बाद उसकी फाइल NTA परिसर में एक ऐसे टर्मिनल पर रखी जाती है जो इंटरनेट से नहीं जुड़ा होता। कितने लोगों ने फाइल खोली और कितनी बार खोली, यह सब रिकॉर्ड किया जाता है।
स्टेप 3: पेपर तैयार होने के बाद प्रश्नपत्र को सुरक्षित कंप्यूटर से प्रिंटिंग प्रेस भेजा जाता है ताकि उसकी कॉपियां छापी जा सकें। एक से ज्याद प्रेस हैं तो NTA हर प्रेस पर एक पर्यवेक्षक तैनात करता है। छपाई के दौरान पर्यवेक्षक का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ होता है। प्रिंटिंग प्रक्रिया की निगरानी CCTV कैमरों से की जाती है।
स्टेप 4: छपे हुए प्रश्नपत्रों को परीक्षा से पहले बैंक के सिक्योर लॉकर में रखा जाता है, ताकि वे लीक या चोरी न हों। फिर उन्हें एग्जाम सेंटर तक पहुंचाया जाता है। ट्रांसपोर्ट के दौरान डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के लोग भी शामिल होते हैं।
स्टेप 5: प्रश्नपत्रों को पुलिस सुरक्षा में GPS निगरानी वाले वाहनों से एग्जाम सेंटर तक ले जाया जाता है।

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