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11 दिन बाद मिली हाथ-नाक कटी लाश, हत्या या हादसा?: पुलिस की थ्योरी-गर्मी से मौत, घरवाले बोले- मर्डर! उसका किसी से झगड़ा हो गया था – Rajasthan News

11 दिन बाद मिली हाथ-नाक कटी लाश, हत्या या हादसा?:  पुलिस की थ्योरी-गर्मी से मौत, घरवाले बोले- मर्डर! उसका किसी से झगड़ा हो गया था – Rajasthan News

पाली जिले में फालना के खुडाला गांव से 8 मई को लापता हुए टॉय कारोबारी इंद्रजीत सिंह राजपुरोहित का शव 20 मई को मिला। पुलिस का कहना है कि अब तक जांच और पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट से हत्या के बजाय हादसे की आशंका ज्यादा है। हालांकि पुलिस ने परिजनों की मांग पर 21 मई की देर रात अपहरण व हत्या का केस दर्ज किया है। इंद्रजीत जिस वैन में निकले थे, वह दूसरे दिन ही नदी में मिल गई थी। शव 11 दिन बाद बेहद खराब हालत में मिला। नाक और दोनों हाथ कटे हुए थे। कई बातें थीं, जिन्हें हत्या की आशंका पैदा हो रही थी, लेकिन दो दिन की पड़ताल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुलिस इसे हादसा बता रही है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने मामले की पड़ताल की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… खुडाला गांव का 35 साल का इंद्रजीत सिंह वैन में आसपास के गांवों में खिलौने बेचने का कारोबार करते थे। गांव में वह पत्नी, तीन बच्चों, माता-पिता व भाई के साथ रहते थे। 8 मई की शाम को वह वैन लेकर घर से निकले। रातभर घर नहीं लौटे। परिजनों का कहना है कि 9 मई को दिन में उन्होंने कॉल कर कहा कि किसी से झगड़ा हो गया। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं चलने पर इंद्रजीत (मृतक) के भाई किशोर सिंह ने 11 मई को फालना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 19 मई की देर शाम को खुडाला से करीब 12 किमी दूर देवतरा गांव की सरहद पर एक खेत में उनका शव मिला। नाक और दोनों हाथ कटे हुए थे। घटनास्थल से लगभग 100 फीट की दूरी पर उनके जूते और एक कटा हुआ हाथ बरामद हुआ। दूसरा हाथ अभी तक नहीं मिला है। शव मिलने के बाद समाज के लोगों ने परिवार के साथ फालना पुलिस थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कई दौर की बातचीत के बाद 21 मई की शाम प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी। इसके बाद पोस्टमाॅर्टम कराया गया। पोस्टमाॅर्टम में खुलासा: मौत से पहले कोई चोट नहीं एसपी मोनिका सेन ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में इंद्रजीत के शरीर पर मौत से पहले किसी तरह की जाहिर चोट नहीं होना आया है। नाक और दोनों हाथ कटे होने को लेकर पीएम रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मौत के बाद की चोट है। उन्होंने बताया कि इससे जाहिर होता है कि इंद्रजीत की हत्या नहीं हुई बल्कि वह हादसे का शिकार हुआ। प्रारंभिक जांच के आधार पर माना जा रहा है कि अत्यधिक गर्मी में तबीयत बिगड़ने से इंद्रजीत की मौत हुई। आशंका है कि इसके बाद जानवरों ने शव को नोंचा। हालांकि अभी ये सिर्फ थ्योरी ही है, मामले में जांच जारी है। एएसपी चैनसिंह महेचा ने बताया कि 8 मई की पूरी रात इंद्रजीत ने फालना स्टेशन की पार्किंग में बिताई। 9 मई को सुबह अकेला गाड़ी लेकर निकले। दिन में परिजनों को वीडियो कॉल कर गाड़ी नदी में फंसने की घटना बताई। जाहिर है कि उनके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। पहला दिन : पूरी रात स्टेशन की पार्किंग में बिताई, सुबह टोल पार किया पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। 8 मई को घर से निकलने के बाद इंद्रजीत ने रात फालना रेलवे स्टेशन की पार्किंग में रात बिताई। दूसरे दिन 9 मई को सुबह वह फालना से सांडेराव मार्ग पर अपनी वैन में अकेले जाते हुए दिखे हैं। रास्ते में टोल पार करते हुए भी वह अकेले दिख रहे हैं। दूसरा दिन : दोपहर में परिजनों को वीडियो कॉल किया, शाम को फोन बंद पुलिस ने साइबर तकनीक से इंद्रजीत के मोबाइल की जांच की तो सामने आया कि 9 मई को दोपहर को उन्होंने वीडियो कॉल पर पत्नी व अन्य परिजनों से बात की थी। सांडेराव के पास नदी में अपनी वैन के पहिए फंसने का सीन दिखाया था। उसके बाद शाम 5 बजे के करीब इंद्रजीत का फोन बंद हो गया। तीसरा दिन : पुलिस को नदी में फंसी मिली कार 10 मई को सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस सांडेराव में पहुंची। वहां नदी में फंसी हुई कार को पुलिस ने सुरक्षित रखवाया। उस समय कार लॉक थी तो पुलिस ने नंबर प्लेट के आधार पर छानबीन कर यह पता लगा लिया था कि कार इंद्रजीत की है। चौथा दिन : भाई के लापता होने की एमपीआर दर्ज 11 मई को इंद्रजीत के भाई किशोर सिंह की ओर से फालना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने 10 मई को कार का पता लगा लिया था तो उनको इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? पुलिस का दावा है कि गाड़ी नंबर के आधार पर छानबीन कर इंद्रजीत के परिजनों को बताया था कि इंद्रजीत की गाड़ी लावारिस हालत में मिली। उसके बाद दूसरे दिन 11 मई को परिजनों ने थाने में रिपोर्ट कराई थी। 11 दिन बाद शव मिला, गाड़ी की चाबी कपड़ों में मिली सांडेराव के पास नदी में जिस जगह इंद्रजीत की गाड़ी मिली थी। उससे करीब दो किलोमीटर दूर देवतरा सरहद में 19 मई की शाम को इंद्रजीत का शव मिला। शव क्षत-विक्षत था, लेकिन उसके पहने हुए कपड़े सही-सलामत थे। वैन की चाबी उनके कपड़ों में मिल गई। हादसा मानने के पीछे पुलिस की यह 2 थ्योरी 1. गर्मी से तबीयत बिगड़ने से मौत पुलिस की छानबीन में सामने आया कि इंद्रजीत नशा करते थे। परिजन उन्हें पहले नशामुक्ति केंद्र में भी ले गए थे। पुलिस मान रही है कि 10 मई को कड़ी धूप में उनकी गाड़ी नदी में फंस गई थी। गाड़ी लॉक कर वह पैदल ही छाया-पानी के लिए अकेले ही निकल गए होंगे। शाम 5 बजे बाद उनका फोन भी बंद हो गया था। ऐसे में आशंका यह है कि गर्मी में तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। 2. नाक व हाथ जानवरों ने नोंचा, दूसरा हाथ जानवर ले गए पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत से पहले किसी तरह की चोट नहीं होने का जिक्र है। शव भी 11 दिन बाद मिला है। ऐसे में पुलिस मान रही है कि कुत्ते या अन्य किसी जानवर ने शव को नोंचा होगा। इंद्रजीत का एक हाथ पुलिस को मिल गया, जो कंधे के जोड़ से अलग हो चुका था। ऐसे में माना जा रहा है कि जानवरों ने नोंच कर हाथ को खींचा होगा, जिससे वह जॉइंट से अलग हो गया। दूसरा हाथ जानवर दूर ले गए, जो नहीं मिला।



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