दमोह लोकसभा के पूर्व भाजपा सांसद डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया के प्रतिनिधि रहे राजकुमार दुबे ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल पर एक करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। इसके बाद सोमवार को मानक पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन्हें निराधार बताया। उन्होंने इस पूरे मामले को अपनी राजनीतिक छवि खराब करने का षड्यंत्र करार दिया है। एम्स से वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप भोपाल एम्स में उपचाराधीन राजकुमार दुबे और उनकी पत्नी साधना दुबे ने एक वीडियो बनाया। इसमें साधना दुबे ने दावा किया कि मानक पटेल ने उनके पति से व्यापार और राजनीतिक जानकारियों के बदले करोड़ों रुपए लिए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके पति के स्वास्थ्य को कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार सीधे तौर पर मानक पटेल ही होंगे। अनुबंध की तारीखों और हस्ताक्षर फर्जी वहीं आरोप के बाद सोमवार को मानक पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए दस्तावेज फर्जी हैं। उन्होंने दावा किया कि अनुबंध पत्र डीके बिल्डर के लेटर हेड पर 2025 में तैयार किया गया है, जबकि उसकी गणना 2014 के लेनदेन से की जा रही है। पटेल के अनुसार, इन दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। पुलिस रिकॉर्ड और जेसीबी मशीन का विवाद आरोपों में जेसीबी मशीन के किराए का बकाया भी शामिल है। मानक पटेल ने पुलिस की सर्टिफाइड कॉपी पेश करते हुए कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार जेसीबी 2016 में उनके पास आई थी, जबकि शिकायतकर्ता 2014 से किराए की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 10 साल से राशि बकाया थी, तो पहले पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की गई। एसपी को निष्पक्ष जांच के लिए दिया आवेदन कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने एसपी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से यह भी जांच करने का आग्रह किया है कि राजकुमार दुबे के पास एक करोड़ रुपए की राशि कहां से आई। पटेल ने बताया किया कि राजकुमार दुबे से उनकी पहचान केवल एक पड़ोसी और पूर्व सांसद के प्रतिनिधि के तौर पर थी, कोई व्यावसायिक लेनदेन नहीं था।
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