गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर में ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। अधिकांश स्कूलों में समर वेकेशन की शुरुआत के साथ ही लोग परिवार के साथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, जिसके चलते ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत हो गई है। हालात यह हैं कि अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है और कई में ‘नो-रूम’ की स्थिति बन गई है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा लिया था, उन्हें तो राहत है, लेकिन अचानक यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बड़े शहरों और हिल स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। हरिद्वार-ऋषिकेश रूट पर सबसे ज्यादा दबाव इस बार छुट्टियों में उत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ है। कोडरमा स्टेशन से गुजरने वाली 13009 हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में 10 जून तक ‘नो-रूम’ की स्थिति है, जबकि सेकेंड एसी में 6 जून तक सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। इसके बाद भी लंबी वेटिंग जारी है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 04311 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता स्पेशल ट्रेन भी चलाई है, लेकिन उसमें भी 4 जून तक वेटिंग लिस्ट चल रही है। दिल्ली, जम्मू और अन्य उत्तर भारतीय शहरों की ट्रेनों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। राजधानी-दुरंतो में भी वेटिंग, यात्रियों ने बदला प्लान कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में ‘नो-रूम’ है। एसी कोच में जून तक लंबी वेटिंग चल रही है। 22317 हमसफर एक्सप्रेस में 29 जून तक सीटें फुल हैं और थर्ड एसी में 50 से अधिक की वेटिंग है। कोडरमा से नई दिल्ली जाने वाली 22711 तेजस राजधानी और 22259 बीकानेर दुरंतो जैसी ट्रेनों में भी 10 जून तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। 13051 नेताजी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में भी यही हाल है। यात्रियों ने बताया कि तत्काल टिकट में भी कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। झुमरीतिलैया के कन्हाई पासवान ने कहा कि बच्चों के साथ दिल्ली जाने की योजना फिलहाल अधर में है, जबकि मंजीत यादव ने हरिद्वार-ऋषिकेश का प्लान ही बदल दिया। हालांकि रेलवे ने एक दर्जन से अधिक समर स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ और शादी के सीजन के कारण वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है।
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