हिमाचल प्रदेश सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। सेक्रेटरी, कार्मिक विभाग ने आज (मंगलवार) इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संजय गुप्ता को रिटायरमेंट से पांच दिन पहले यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस नियुक्ति के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार उन्हें सेवाविस्तार दे सकती है, क्योंकि संजय गुप्ता 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। इसी वजह से राज्य में नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इस बीच सरकार ने वर्ष 1988 बैच के IAS और सबसे वरिष्ठ अधिकारी संजय गुप्ता को ही मुख्य सचिव बनाने का फैसला लिया है। संजय गुप्ता राज्य के सबसे सीनियर IAS अधिकारी हैं। वह मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और अक्टूबर 2025 से मुख्य सचिव का कार्यभार संभाल रहे हैं। चेस्टर हिल मामले में भी संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप संजय गुप्ता को ऐसे समय में मुख्य सचिव बनाया गया है, जब उनके खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में दायर है और सोलन के चेस्टर हिल मामले में उन पर गंभीर आरोप लगे हैं। माकपा लगातार संजय गुप्ता को पद से हटाने की मांग कर रही है। संजय गुप्ता के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर वहीं, संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का अतिरिक्त दायित्व सौंपने को चुनौती देने वाली याचिका पर बीते सप्ताह ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 को एक निर्णय लेकर संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि संजय गुप्ता के खिलाफ पहले से तीन एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं। याचिका में 9 अक्टूबर 2024 को जारी संशोधित विजिलेंस क्लियरेंस दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया गया है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, संवेदनशील पदों पर नियुक्ति से पहले संबंधित अधिकारी की विजिलेंस स्थिति पर विचार करना जरूरी है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में मुख्य सचिव के पद को अत्यंत संवेदनशील पद मान चुका है। अमरजीत सिंह को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार हिमाचल सरकार ने सचिव, सहकारिता अमरजीत सिंह को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। अब तक संजय गुप्ता ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग देख रहे थे।
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