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जज ने बच्चों को कानून के बारे में दी जानकारी: बेगूसराय में कहा- भटकाव से जीवन बर्बाद होगा, ईमानदारी के साथ पढ़ें – Begusarai News

जज ने बच्चों को कानून के बारे में दी जानकारी:  बेगूसराय में कहा- भटकाव से जीवन बर्बाद होगा, ईमानदारी के साथ पढ़ें – Begusarai News

बेगूसराय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले जागृति योजना के तहत आज जिला मुख्यालय के अयोध्या प्लस टू ज्ञान भारती उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान और अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर देकर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बच्चों को संविधान और कानून की बारीकियों के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने अपील किया कि चाहे कुछ भी हो जाए, समाज की मुख्य धारा से जुड़े रहें। मुख्य धारा से भटकाव की स्थिति में आपका जीवन व्यर्थ हो जाएगा। ईमानदारी के साथ पढ़ें और मेहनत करें आप अपने लक्ष्य को निर्धारित करें, अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ पढ़ें और मेहनत करें। उन्होंने छात्राओं को बताया कि बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और प्रोनोग्राफी से बचने के लिए बनाए गए खास कानून को पॉक्सो एक्ट कहते हैं। यह कानून बच्चों के यौन शोषण और रेप जैसी जघन्य घटना को देख बनाया गया है। पॉक्सो एक्ट में यदि अपराध करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 साल से अधिक होगी तो उसके लिए कानून में 20 साल तक के कठोर कारावास सजा का प्रावधान है। 2012 में निर्भय जैसे कांड और बच्चों पर हो रहे अपराध, सेक्सुअल ऑफेंस को देखते हुए 2019 में सरकार ने पॉक्सो एक्ट में संशोधन किया। संशोधन के बाद के बाद अपराध करने वाले व्यक्ति यदि वयस्क पाए गए, तो उनके लिए मृत्यु दंड तक का भी प्रावधान है। यदि कोई पॉक्सो एक्ट से संबंधित अपराध करने वाले की उम्र 16 से 18 साल के बीच पाई गई, तो उसके लिए वयस्कों की तरह ट्रायल चलाने का प्रावधान है। कड़ी सजा भी संबंधित कोर्ट की ओर से दिए जाने का प्रावधान है। निर्भीक होकर इसकी सूचना अपने परिवार के अभिभावक, शिक्षक, संबंधित थाना, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, टोल फ्री नंबर 1098 और 15100 पर दे सकते हैं। आपके नाम को गुप्त रखा जाएगा। पॉक्सो एक्ट में पीड़ित का नाम और उसकी पहचान को गुप्त रखा जाता है। पीड़ित के पुनर्वास के लिए कंपनसेशन स्कीम की व्यवस्था भी है। गुड टच-बैड टच के संबंध में भी समझना होगा उन्होंने बताया कि माता-पिता, शिक्षक और बच्चों को गुड टच-बैड टच के संबंध में भी समझना होगा। यदि परिवार के सदस्य, आपके रिश्तेदार, विद्यालय में पढ़ने वाले साथी या और कोई आपको बुरी नीयत से टच करता है, आपके साथ गलत व्यवहार करता है, तो वह पॉक्सो एक्ट का मामला बनता है। यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को लगातार घूरता है, तो भी पॉक्सो एक्ट का मामला बनता है। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के दुरुपयोग के संबंध में भी बताया। किसी भी प्रकार का अश्लील वीडियो यदि मोबाइल पर आ जाए, तो उसे तुरंत डिलीट करें।उसे शेयर नहीं करें, क्योंकि यह अपराध की श्रेणी में आता है। सुलहनीय वादों को लोक अदालत में भेजा जाएगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संगम मिश्रा ने बताया कि आने वाले 12 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित यदि किसी भी प्रकार का बिजली बैंक या इंश्योरेंस से संबंधित या सुलहनीय वादों से संबंधित मामले हैं, तो उसे लोक अदालत में भेजें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ आकाश कुमार ने कहा कि आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जागृति योजना के तहत पॉक्सो एक्ट और जुबेनाइल जस्टिस एक्ट के संबंध में विस्तार से बताया। जहां कहीं भी विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे, उसमें समग्र शिक्षा अभियान की ओर से सहयोग किया जाएगा। डीएलएसए के शैलेश कुमार ने मोबाइल के दुरुपयोग और इसके दूरगामी दुष्प्रभाव के संबंध में बच्चों को बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल के दुरुपयोग के कारण बच्चों के अपराध में संलिप्तता से संबंधित मामले लगातार कोर्ट में आ रहे हैं। इसलिए मोबाइल का प्रयोग कम करें। उन्होंने कहा कि सूखे नशे के मामले में भी बच्चों की संलिप्त पाई जा रही है।



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