पंजाब यूनवर्सिटी में एलुमीनियाई मीट के दौरान ज्योति प्रवजलित करते हुए गणमान्य।
यूनाइटेड किंगडम में हिंदू कैप्टन के तौर पर तैनात कृष्ण कांत अत्री ने चंडीगढ़ पुलिस के ट्रैफिक सिस्टम पर ही सवाल खड़े किए हैं। वह PU के एलुमिनी हैं और यहां करवाई गई एलुमिनी मीट में शामिल होने पहुंचे थे।
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उनका कहना था कि यहां एक लेन में तीन तीन वाहन चल रहे हैं, शुक्र है कि मेरा ड्राइवर बिकना गाड़ी को खरोंच लगे और बिना किसी के साथ गाली गलोच के मुझे यहां यानि पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस तक ले आया।
अगर मुझे वाहन चलाना हो तो मेरे हाथ खड़े हैं। यह तब हुआ जब चंडीगढ़ के डीजीपी डा सागर प्रीत हुड्डा भी इसी समागम में उपस्थित थे। उन्होंने इस पर खेद जताया और कहा कि चंडीगढ़ पुलिस लोगों को लेन में चलने के लिए जागरूक करेगी और कुछ एरिया को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा।
UK आर्मी से कैप्टन आचार्य कृष्ण कांत अत्री अपने संबोधन के दौरान।
तरतीब से पढ़े क्या बोले यूएस आर्मी कैप्टन….. आचार्य कृष्ण कांत अत्री चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़े हैं। वह इस समय यूके आर्मी में कैप्टन हैं, जब उन्हें मीट के दौरान संबोधन करने के लिए डायस पर बुलाया गया तो उनका कहना था कि जब मैं यहां पर लैंड किया।
मेरे ड्राइवर ने मुझे पिक किया, मैने देखा कि एक लेन में तीन तीन वाहन चल रहे हैं, मैं काफी चिंतित हुआ कि कैसे लोग गलत ड्राइव कर रहे हैं, बिना कार पर स्क्रेच दिए, किसी की गाली न सुन के,किसी को गाली न देकर उसने मुझे पंजाब यूनिवर्सिटी में पहुंचा दिया।
उनका कहना था कि यूएस में वहां की फोर्सेस के साथ ड्राइविंग कर चुके हैं, मगर जब भारत आया तो मेरे हाथ खड़े हो गए कि मैं यहां ड्राइविंग नहीं कर सकता हूं। वह कहते हैं कि मैने एक बार पंगा जरूर लिया है, जब चेन्नई से अहमदाबाद तक ऑटो रिक्शा चलाया था, वह एक अस्पताल की चैरिटी के लिए था। मेरी पत्नी ने भी खुशी मनाई थी कि एक पीस में वापिस जा सका। उन्होंने अपने भाषण में भारत को महान बताया, उनका कहना था कि जब भी मुझे विदेश के पीएम या कोई और पूछता है कि मैं ऐसा कैसे बन सका तो मैं कहता हूं कि मुझे शिक्षा महान भारत से मिली है, महान पंजाब यूनिवर्सिटी का मैं स्टूडेंट रहा हूं।
उनकी तरफ से छात्रों से कहा गया है कि अगर वह शिक्षा चाहते हैं तो सुख को छोड़ दो और अगर सुख चाहते हैं तो शिक्षा को त्याग दें। आचार्य ने अपना किस्सा बताते हुए कहा कि पढ़ाई के समय में उन्होंने कभी रजाई और सिरहाना नहीं देखा था, अपने कुर्ते पाजामे को तकिया बनाते थे और नीचे बिछाने वाली चटाई को ऊपर लेकर सर्दी से बचते थे।

DGP चंडीबढ़ सागरप्रीत सिंह हुड्डा अपने संबोधन के दौरान।
डीजीपी बोले खुशकिस्मत हूं….. एलुमिनी मीट में अपने संबोधन के दौरान डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस सागरप्रीत हुड्डा ने आचार्य कृष्ण कांत हुड्डा द्वारा उठाए मामले के संबंध में कहा कि चंडीगढ़ पुलिस लोगों को इस बारे में जागरूक करेगी कि कैसे लेन में चलना है, हमारी अथारिटी ट्रैफिक समेत अन्य प्रबंधों को दुरुस्त करने पर काम कर रही हैं। हम यूनिवर्सिटी कैंप्स समेत दूसरे कुछ एरिया को व्हीकल फ्रीन जोन बनाने पर काम कर रहे हैं। पैदल चलने वालों के लिए एरिया बढ़ाने पर काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ने के बाद मुझे शहर और इस कैंप्स के लिए काम करने का मौका मिला है। हमारे प्रयास हर समय रहते हैं कि सिस्टम को बेहतर किया जा सके। उन्होंने आए हुए एलूमिनी और स्टूडेंट्स से भी नशे समेत दूसरे क्राइम पर नकेल कसने के लिए सहायता की मांग की है। उनकी तरफ से एल्युमीनिम को पंजाब यूनिवर्सिटी का वित्तीय और गाइडेंस में सहयोग करने की भी अपील की है।
- सागरप्रीत हुड्डा ने अपने छात्र जीवन के बारे में बात करते हुए बताया कि मैं यहां 1989 में आया था, मैने यहां आठ वर्ष रहा हूं।
- उन दिनों कैंप्स बेहद साफ सुथरा और ग्रीनरी से भरा था, जब मैं आया यहां का माहौल बिल्कुल अलग था, यहां ट्रैफिक नहीं था, लोगों के पास बातचीत और नजदीकियां बढ़ाने का समय था, पीजीआई ढाबा पर लंबी बातचीत होती थीं। हमने कभी हॉस्टल के गेट को लॉक का इस्तेमाल नहीं किया था।
- घर से लाए हुए लड्डू खाने की इजाजत सभी को होती थी, हां कपड़े जरूर चोरी होते थे, जब मार्केट में जाना तो देखना किसी ने आपकी शर्ट डाली हुई है, वह हॉस्टल में आकर मांगी मांगता और बताता था कि यह उसने किसी खास के लिए पहनी थी।
- DGP ने बताया कि हॉस्टल बंद हो गया तो मेस भी बंद थी, इसी दौरान पुलिस ने हमारे दोस्तों को इस लिए पकड़ लिया क्योंकि उन्होंने शिक्षक की रसोई में पड़ी ब्रिज से खाना ले लिया था, जब शिक्षक को पता चला कि खाना छात्रों ने चुराया तो उन्होंने उन्हें पुलिस से छुड़वा दिया।
- एक बार रात के समय पढ़ाई करते समय मेस बंद होने पर हमारे एक दोस्त का भाई घर से हमें खाना लाकर देने लगा, शुरू में हम पांच लोग थे और बाद में 25 हो गए, मगर दोस्त का भाई एक माह तक हमारे लिए खाना लाता रहा। यह उस समय की अच्छी बातें थीं।

पंजाब यूनिवर्सिटी में एलुमिनाई मीट के दौरान गणमान्य।
पंजाब यूनिवर्सिटी में रखी गई थी छट्ठी ग्लोबल एलुमिनी मीट पंजाब यूनिवर्सिटी में पीयू कैंपस के लॉ ऑडिटोरियम में अपने छठे ग्लोबल एलुमिनाई मीट का आयोजन किया था, यूनिवर्सिटी के एलुमिनी इसमें शामिल हुए। इस दौरान न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार (पूर्व न्यायाधीश, भारत के सर्वोच्च न्यायालय और पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली), प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. नीलम मानसिंह चौधरी (भारतीय रंगमंच विभाग), आचार्य कृष्णकांत अत्री एमबीई (द हिंदू चैपलिन, एचएम फोर्सेज यूके), और डॉक्टर सागर प्रीत हुड्डा (पुलिस महानिदेशक, चंडीगढ़) आदि शामिल हुए और पुराने दिनों को याद किया।
