बिजली विभाग के एस सी कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी और पार्षद संजय बडवासनी
सोनीपत में बिजली विभाग के ठेका कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा। हटाए गए युवकों ने न केवल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि बेरोजगारी के विरोध में फल बेचकर अपना रोष भी प्रकट किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ठेका प
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बिजली विभाग के बाहर ठेका कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
सोनीपत बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर कार्यालय के बाहर ठेका प्रथा के तहत हटाए गए कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से विभाग में कार्यरत थे, लेकिन अब ठेका खत्म होने के नाम पर सभी को एक साथ बेरोजगार कर दिया गया है।
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे पार्षद संजय बड़वासनी ने कर्मचारियों का समर्थन किया और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पहले से कार्यरत युवाओं का रोजगार छीन रही है। उन्होंने मांग की कि सभी हटाए गए कर्मचारियों को तुरंत पुनः बहाल किया जाए।
बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर कार्यालय के बाहर ठेका प्रथा के तहत हटाए गए कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जोरदार प्रदर्शन किया।
“ठेका प्रथा युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय” -संजय बड़वासनी
जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि ठेका प्रणाली के तहत कार्य करने वाले युवाओं का लगातार शोषण हो रहा है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से किसी भी समय कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा देते हैं, जिससे उनके परिवारों पर संकट आ जाता है। उन्होंने बताया कि ये कर्मचारी पिछले दो वर्षों से लगातार काम कर रहे थे, कई बार काम के दौरान घायल भी हुए, लेकिन किसी को सहायता नहीं मिली।
चुनाव वादे भूली सरकार, भविष्य अंधकार में
बड़वासनी ने कहा कि चुनावों के दौरान सरकार ने सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन अब उन्हीं वादों से मुकर गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा काम पर नहीं रखा जाता, धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।

पार्षद संजय बडवासनी और कर्मचारी नारेबाजी करते हुए
धरने पर ही पकाया जाएगा भोजन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे बिजली विभाग कार्यालय के बाहर ही धरने पर रहेंगे और वहीं भोजन भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल रोजगार का नहीं, बल्कि सम्मान की लड़ाई बन चुका है।

सभी हटाए गए युवकों को हरियाणा कौशल रोजगार योजना के तहत रोजगार दिया जाए
कर्मचारियों ने सरकार से मांगी स्थायी नियुक्ति
धरने में शामिल दिनेश, श्याम, मनजीत, सविता, सुनील, दीपक, सुरेंद्र, रामवीर, राजेश, योगेश, सुरेश, कर्मवीर, जगविंदर, सतवीर, प्रदीप, सतीश, सुदेश सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि सभी हटाए गए युवकों को हरियाणा कौशल रोजगार योजना के तहत रोजगार दिया जाए और ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
