मुख्य बातें

बिहार के संतोष की पीड़ा पर मानव अधिकार आयोग सख्त: GRP को लगी फटकार, झज्जर, नूंह व फरीदाबाद पुलिस को किया निर्देशित – Panchkula News

बिहार के संतोष की पीड़ा पर मानव अधिकार आयोग सख्त:  GRP को लगी फटकार, झज्जर, नूंह व फरीदाबाद पुलिस को किया निर्देशित – Panchkula News


अस्पताल में उपचाराधीन पीड़ित संतोष।

बिहार के नाबालिग संतोष को जबरन बंधक बनाकर मजदूरी करवाने व दुर्घटना में उसका हाथ कट जाने के मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने GRP को फटकार लगाते हुए जांच को अपूर्ण और अस्पष्ट बताया है। बिहार के किशनगंज जिले का संतोष रोजगार

.

टीचर ने करवाया उपचार

घायल अवस्था में बालक किसी तरह नूंह पहुंचा, जहाँ एक संवेदनशील शिक्षक ने उसकी मदद की, चिकित्सा सहायता दिलाई और पुलिस को सूचना दी।तब आयोग ने कहा था कि यह घटना न केवल संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि बच्चों की सुरक्षा हेतु बनाए गए संस्थागत तंत्र में गंभीर कमी है।

हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा।

स्पष्ट नहीं GRP की रिपोर्ट

पुलिस रिपोर्ट में घटना स्थल का सटीक उल्लेख नहीं किया गया है, न ही यह स्पष्ट किया गया है कि पीड़ित बालक संतोष का बायां हाथ कहां और कैसे काटा गया। जस्टिस ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले पूर्ण आयोग ने चिंता व्यक्त की है कि पुलिस रिपोर्ट में अब तक आरोपियों की पहचान, उनका पता लगाने या गिरफ्तारी संबंधी कोई ठोस प्रगति नहीं दिखाई गई है। आयोग का मानना है कि का मत है कि अब तक की जांच अपूर्ण, अस्पष्ट है। आयोग ने पाया कि पुलिस रिपोर्ट में घटनास्थल का सटीक विवरण, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रगति का अभाव है।

27 नवंबर से पहले देनी है रिपोर्ट झज्जर पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, नूंह, सहायक श्रम आयुक्त जींद, डीसी जींद, उपायुक्त नूंह, सिविल सर्जन नूंह तथा बाल संरक्षण अधिकारी, नूंह को सुनवाई की अगली तिथि 27 नवंबर 2025 से पहले आयोग के सामने अपनी रिपोर्ट प्रतुत करें। आयुक्त पुलिस, झज्जर को निर्देशित किया गया है कि वे उप पुलिस आयुक्त, बल्लभगढ़ को नामित कर पुलिस अधीक्षक, रेलवे, अंबाला छावनी को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, क्योंकि घटना की शुरुआत बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन (झज्जर) से हुई थी। घटनास्थल की पहचान में करें GRP की मदद पुलिस अधीक्षक, नूंह को निर्देश दिया गया है कि वे घटनास्थल की पहचान और आरोपियों की गिरफ्तारी में पूर्ण सहयोग करें।चूंकि पीड़ित बालक को बाद में नूंह जिले के क्षेत्र से बरामद किया गया, इसलिए पुलिस अधीक्षक, नूंह को भी निर्देशित किया जाता है कि वे पुलिस अधीक्षक, रेलवे, अंबाला छावनी को पूर्ण सहयोग दें ताकि घटनास्थल की सही पहचान की जा सके| जहां बालक से बंधुआ मजदूरी करवाई गई तथा जहाँ उसका बायां हाथ चारा काटने की मशीन से कट गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *