पंचकूला निदेशालय में जानकारी देते जेल महानिदेशक आलोक राय।
हरियाणा की करनाल जेल में एक कैदी पैरोल काटकर वापस आया तो अपने पेट में 250 कैप्सूल का पैकेट लेकर पहुंच गया। कैदी का मेडिकल करवाया गया तो इसका खुलासा हुआ। जिसके बाद मेडिकल परीक्षण से कैप्सूल पेट से बाहर निकाले गए।
.
करनाल जिला जेल में 4 नवंबर को कैदी रामेश्वर अपनी पैरोल अवधि खत्म होने के बाद पहुंचा। जेल गेट पर जब उसकी तलाशी हुई तो वह नशे की हालत में दिखा। जिसका जेल अस्पताल में यूरिन टेस्ट करवाया। टेस्ट में 5 प्रकार को मेडिकल नशा मिला, जिसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने पूरे मामले का खुलासा किया।
4 प्वाइंट में समझिए नशा तस्कर और कैप्सूल ले जाने की कहानी…
1. सोनीपत निवासी, 10 की सजा काट रहा : सोनीपत के गन्नौर निवासी रामेश्वर साल 2003 के एनडीपीएस केस में सजा काट रहा है। जिसे करनाल जेल में 21 सितंबर 2018 को सोनीपत से शिफ्ट किया गया। आरोपी को 10 साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपए का जुर्माना हुआ है।
2. 28 दिन की पैरोल पर गया : कैदी रामेश्वर को 4 अक्टूबर 2025 को 28 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया। पैरोल अवधि खत्म होने के बाद वह 4 नवंबर 2025 को जेल में पहुंचा। जेल में गेट में तलाशी के दौरान नशे की हालत में मिला। जिसके चलते इसे जेल अस्पताल भेजा गया।
3. यूरिन टेस्ट में मिला मेडिकल नशा : रामेश्वर का जेल अस्पताल में यूरिन टेस्ट करवाया गया। जिसकी रिपोर्ट में आया कि 5 प्रकार के ड्रग्स का सेवन सामने आया। जिसके बाद कैदी से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि उसने बैलून के माध्यम से कैप्सूल पेट में छिपाए हैं।
4. करनाल हुआ सिटी स्कैन : करनाल मेडिकल कॉलेज में कैदी को जेल विभाग की टीम लेकर पहुंची। जहां से सिटी स्कैन के लिए करनाल निजी अस्पताल ले जाया गया। सिटी स्कैन रिपोर्ट में आया कि कैदी ने फॉरेन बॉडी निगल रखा है। उसके बाद आरोपी का मेडिकल उपचार कर पेट से संतरी कलर का पैकेट बाहर निकाला गया। जिसमें नशीली गोलियां बरामद हुई। जेल विभाग सतर्क है : महानिदेशक
हरियाणा जेल विभाग के महानिदेशक आलोक राय ने बताया कि गेट पर ही तलाशी में मुस्तैदी के कारण कैदी की हरकत का पता लग गया। मामले सामने आने के बाद जेलों में पैरोल से लौटकर आने वालों की तलाशी बढ़ाई गई है।
