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चंडीगढ़ में सीमाई नाकों पर 24 घंटे पुलिस निगरानी रहेगी: चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद बोले- सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी – Chandigarh News

चंडीगढ़ में सीमाई नाकों पर 24 घंटे पुलिस निगरानी रहेगी:  चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद बोले- सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी – Chandigarh News

चंडीगढ़ में अपराध कर फरार होने वाले बदमाशों पर अब पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) से जुड़े एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर अब 24 घंटे पुलिस निगरानी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि कई अपराधी वारदात के बाद पड़ोसी राज्यों की सीमा का फायदा उठाकर आसानी से निकल जाते हैं। इसे रोकने के लिए सीमाई नाकों को हाई अलर्ट मोड पर रखने की योजना बनाई गई है। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी चौकसी चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी सुरक्षा एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह और एसएसपी कंवरदीप कौर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकों को और मजबूत किया जाएगा। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। अंतरराज्यीय आवाजाही और आपराधिक नेटवर्क पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बीट बॉक्स सिस्टम होगा मजबूत शहर में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए बीट बॉक्स सिस्टम की समीक्षा करने का भी फैसला लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन इलाकों में पुलिस की मौजूदगी कम महसूस होती है, वहां निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। प्रशासन का फोकस ऐसे सिस्टम पर है जिससे किसी भी वारदात के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और अपराधियों की आवाजाही को रोका जा सके। बॉडी कैमरों की होगी निगरानी मुख्य सचिव ने पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की फुटेज की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।अधिकारियों का कहना है कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने और शिकायतों की जांच में मदद मिलेगी। बैठक में साइबर अपराधों को लेकर भी चिंता जताई गई। मुख्य सचिव ने कहा कि ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से और मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने एनडीपीएस, जघन्य अपराध और साइबर मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराध जांच से जुड़े अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की समीक्षा बैठक में पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, ट्रैफिक प्रबंधन, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और शहर की कानून व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि चंडीगढ़ की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



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