चंडीगढ़ के सेक्टर-32 निवासी कारोबारी राज कुमार सुसाइड केस में नया मोड़ सामने आया है। मामले में मृतक के बेटे और शिकायतकर्ता अनीश ने चंडीगढ़ एसएसपी को हलफनामा देकर कहा है कि उन्होंने भावुक होकर शिकायत में फाइनेंसर प्रेम बिष्ट का नाम लिखवा दिया था, जबकि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। अनीश ने अपने हलफनामे में कहा कि घटना के समय परिवार मानसिक तनाव और भावनात्मक स्थिति से गुजर रहा था। इसी वजह से जल्दबाजी में कुछ बातें शिकायत का हिस्सा बन गईं। उन्होंने कहा कि अब पूरे घटनाक्रम को समझने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वे कुछ करीबी लोगों के बहकावे में आ गए थे। अनीश ने साफ कहा कि प्रेम बिष्ट ने कभी उनके पिता राज कुमार को परेशान नहीं किया और न ही आत्महत्या के लिए मजबूर किया। हालांकि उन्होंने रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर सतीश नागर के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अपनी शिकायत कायम रखी है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ दर्ज किया था केस इससे पहले सेक्टर-34 थाना पुलिस ने अनीश की शिकायत के आधार पर फाइनेंसर प्रेम बिष्ट और चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर सतीश नागर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। राज कुमार ने करीब 20 दिन पहले जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में प्रेम बिष्ट और सतीश नागर का नाम लिखा था। यह था पूरा मामला अनीश ने शुरुआती शिकायत में बताया था कि वह अपने पिता और भाई के साथ सेक्टर-32 मार्केट में फास्ट फूड का कारोबार करता था। शिकायत के मुताबिक सतीश नागर और कुछ अन्य लोगों का उनके पिता के साथ पैसों का लेनदेन था। आरोप था कि कुछ हफ्ते पहले आरोपियों ने राज कुमार को फोन कर उनकी क्रेटा कार जबरन छीन ली और उन्हें बेइज्जत किया। इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को सतीश नागर ने फिर फोन कर कथित तौर पर गाली-गलौज की। परिवार के अनुसार अगले दिन राज कुमार घर के पास पार्क में गए और वहां जहरीला पदार्थ निगल लिया। बाद में उनकी मौत हो गई।
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