घरौंडा में पहुंचे सोनीपत के कर्मचारी।
सोनीपत नगर निगम के 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में ठेका सफाई मजदूर यूनियन ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। यूनियन ने सोनीपत से चंडीगढ़ तक 209 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की है। कर्मचारी चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अ
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सोनीपत से 3 सितंबर को शुरू हुई यह पदयात्रा वीरवार की शाम घरौंडा तक पहुंची। कर्मचारियों ने बताया कि वे लगातार पैदल चलकर 209 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे और चंडीगढ़ में सीएम आवास तक पहुंचकर अपनी बात रखेंगे। यात्रा में शामिल सफाई कर्मचारियों का कहना है कि ठेका प्रथा ने उनके जीवन को संकट में डाल दिया है।
ठेका खत्म, 900 कर्मचारी सड़कों पर
ठेका सफाई मजदूर यूनियन के अध्यक्ष मुकेश टांक ने बताया कि सोनीपत नगर निगम में 900 कर्मचारी ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे थे। उनका ठेका 30 अगस्त को समाप्त हो चुका है, जिसके बाद सभी कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों को ‘कोरोना योद्धा’ कहा था और भरोसा दिया था कि ठेका प्रथा को एक कलम से खत्म किया जाएगा, लेकिन हकीकत में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
घरौंडा में पदयात्रा निकालते ठेका सफाई कर्मचारी
सरकार पर निजीकरण का आरोप
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार घोषणाएं और जुमले तो करती है, लेकिन असल में निजीकरण की ओर बढ़ रही है। अगर सरकार सच में कर्मचारियों की पीड़ा समझती तो अब तक ठेका प्रथा को समाप्त कर ठेके के कर्मचारियों को पक्का कर दिया जाता। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार नहीं जागी तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी पर नाराजगी
पदयात्रा में शामिल सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे सोनीपत से घरौंडा तक पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई संदेश नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें साफ हैं – ठेका प्रथा को पूरी तरह से समाप्त किया जाए और ठेके के कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
