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कोई सुसाइड नोट नहीं मिला: एम्स भोपाल की असि. प्रोफेसर ने खुद को लगाया एनेस्थिसिया… वेंटिलेटर पर भर्ती – Bhopal News

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला:  एम्स भोपाल की असि. प्रोफेसर ने खुद को लगाया एनेस्थिसिया… वेंटिलेटर पर भर्ती – Bhopal News

डॉ. रश्मि वर्मा

एम्स भोपाल के ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने एनेस्थीसिया की दवा अधिक मात्रा में ले ली। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें एम्स में ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। गुरुवार को ड्यूटी करने के बाद शाम को डॉ.

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प्रबंधन के अनुसार, उनके पति डॉ. रतन (ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ) रात साढ़े 10 बजे एम्स लेकर आए। बताया जा रहा है कि ट्रॉमा विभाग से जुड़ी डॉ. श्रुति दुबे ने कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद यूनुस का नाम सामने आया था। डॉ. रश्मि को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गुप्ता बोले- ‘अभी किसी ठोस कारण की जानकारी नहीं है। कोई नोट नहीं मिला है। परिवार भी सदमे में है। हमारी पहली प्राथमिकता डॉक्टर की जान बचाना है।’

पहले भी डॉक्टर इसी कॉम्बिनेशन से कर चुके सुसाइड बताया जा रहा है कि डॉक्टर्स अक्सर सुसाइड के लिए इसी कॉम्बिनेशन का उपयोग करते हैं, क्योंकि इसमें बिना दर्द के मिनटों में मौत हो जाती है। जनवरी 2023 में आकांक्षा नाम की जीएमसी की डॉक्टर ने इसी ड्रग का उपयोग किया था। सुसाइड से पहले वह भी हॉस्पिटल से बॉयल लेकर गई थी। इससे बाद अगस्त 2025 में डॉ. बाला सरस्वती ने भी सुसाइड के लिए इसी कांबीनेशन का उपयोग किया था।

नर्स से लगवाया कैनुला, कहा- डायरिया हो गया है, घर जाकर दवाई लूंगी

एम्स भोपाल के नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि गुरुवार को डॉ. रश्मि वर्मा ने किसी रिश्तेदार को लगाने का हवाला देकर एनेस्थीसिया इंजेक्शन के दो वायल लिए थे। इसके बाद उन्होंने नर्सिंग स्टाफ से खुद पर कैनुला भी लगवा लिया। उन्होंने कहा था कि उन्हें डायरिया हो रहा है और वे घर पर दवा ले लेंगी।

जानकारी के अनुसार, घर पहुंचने के बाद डॉ. रश्मि ने वैरिकुलम और मेटाजोलम दवाओं का कॉम्बिनेशन डोज ले लिया। वैरिकुलम एक न्यूरोमस्कुलर ब्लॉकर दवा है। मेटाजोलम व्यक्ति को बेहोश कर देती है। जब डॉ. रश्मि की हालत बिगड़ने लगी तो पति ने एम्स की इमरजेंसी में फोन किया। अस्पताल पहुंचने में 25 मिनट का समय लग गया। इस दौरान उनका हार्ट लगभग काम करना बंद कर चुका था, जिसके बाद उन्हें तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

डॉ. रश्मि का चार साल का बेटा है। पति निजी प्रैक्टिस करते हैं।



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