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हिमाचल में बीच शैक्षणिक सत्र में रिटायर नहीं होंगे टीचर: फाइनेंस डिपार्टमेंट ने जारी की अधिसूचना; लास्ट सैलरी का 50% मानदेय मिलेगा – Shimla News

हिमाचल में बीच शैक्षणिक सत्र में रिटायर नहीं होंगे टीचर:  फाइनेंस डिपार्टमेंट ने जारी की अधिसूचना; लास्ट सैलरी का 50% मानदेय मिलेगा – Shimla News


हिमाचल सरकार ने बीच शैक्षणिक सत्र में टीचरों को रिटायर नहीं करने का फैसला लिया।

​हिमाचल प्रदेश में अब टीचर बीच शैक्षणिक सत्र में रिटायर नहीं होंगे। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पर सरकाघाट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू द्वारा की गई इस घोषणा के बाद फाइनेंस डिपार्टमेंट ने आज नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसके मुताबिक, शिक्ष

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सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग के टीचर 31 मार्च 2026 को रिटायर होंगे, जबकि हायर एजुकेशन में 31 मई 2026, मेडिकल एजुकेशन में 31 मार्च 2026, आयुष शिक्षा विभाग में 30 अप्रैल 2026, आईटीआई के टीचर 31 जुलाई 2026 और पॉलिटेक्निक-इंजीनियरिंग व फार्मेसी कॉलेज के टीचर 30 जून 2026 को सेवानिवृत होंगे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 अगस्त को की थी यह घोषणा।

लास्ट सैलरी का 50 फीसदी मानदेय मिलेगा

जिस महीने टीचर की रिटायरमेंट होगी, उस महीने की अंतिम सैलरी का आधा मानदेय टीचरों को दिया जाएगा। यानी 1 लाख रुपए लास्ट सैलरी लेने वाले टीचर को 50 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा।

जो पुन: नियुक्ति नहीं चाहते, उन्हें बाहर निकलने का विकल्प दिया

अगर किसी को रिटायरमेंट के बाद पुन: नियुक्ति नहीं करना, तो उन्हें 60 दिन पहले विभाग को लिखित में देना होगा। ऐसे टीचरों को स्वेच्छा से रिटायरमेंट का विकल्प दिया गया है।

रिटायरमेंट डेट से नियमित मासिक पेंशन शुरू हो जाएगी, लेकिन अन्य सेवानिवृत्ति लाभ जैसे ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, सामान्य भविष्य निधि, पेंशन का नकदीकरण आदि, सत्रीय पुन: रोजगार पूरा होने के बाद ही देय और निपटाए जाएंगे।

बच्चों की पढ़ाई पर असर न हो, इसलिए फैसला

राज्य सरकार ने यह फैसला बीच शैक्षणिक सत्र में टीचरों के रिटायर होने से बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को देखते हुए लिया है, यह तर्क सरकार द्वारा दिया गया है।

वहीं, इसके पीछे दूसरी बड़ी वजह मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा गठित रिसोर्स मोबेलाइजेशन कमेटी की वह सिफारिश भी है, जिसमें सब कमेटी ने टीचरों की रिटायरमेंट एज एक साल बढ़ाने का सुझाव दिया था।

1200 करोड़ की देनदारी डैफर होगी

फाइनेंस के जानकार बताते हैं कि इस फैसले से राज्य सरकार की 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की देनदारी अगले साल 31 मार्च से 31 जुलाई तक डैफर होगी। इससे आर्थिक संकट झेल रही राज्य सरकार को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि आगामी वित्त वर्ष में नया फाइनेंस कमीशन आएगा। इससे राज्य को अच्छी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट की आस है। इस साल यह लगभग 3200 करोड़ रुपए मिल रही है।



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