हिमाचल विधानसभा में मौजूद सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज अधिकारियों-कर्मचारियों को एक्सटेंशन और री-इम्प्लायमेंट देने का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में BJP के चार विधायकों ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। सतपाल सिंह सत्ती और विक्रम ठाकुर ने सरकार पर एक्सटेंशन और री-इम्प्ला
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सत्ती ने कहा, राज्य सरकार इतने सारे अधिकारियों को पुनर्नियुक्ति क्यों दे रही है,जबकि एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनर को समय पर वेतन-पेंशन भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा, पेंशनभोगियों को हर महीने अपने बकाया भुगतान के लिए बेचैनी से इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा, सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं क्योंकि वह नियमित बकाया भुगतान करने में असमर्थ है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन के लिए जाते हुए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री
डिप्टी सीएम बोले- जानकारी बहुत ज्यादा, इसलिए समय लगेगा
इसके जवाब में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, यह जानकारी बहुत ज़्यादा है और उसे इकट्ठा करने में समय लगेगा। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि जैसे ही सूचना इकट्ठी होती है जानकारी उपलब्ध करा जाएगी। एचआरटीसी के वेतन और पेंशन के मुद्दे पर, अग्निहोत्री ने स्वीकार किया कि कुछ देरी हुई है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
HRTC की पेंशन का मामला वित्त विभाग से उठाया जा रहा
मुकेश ने कहा, पेंशन में देरी का मामला वित्त विभाग के समक्ष उठाया जा रहा है और इसे जल्द ही सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सदन को सूचित करना चाहता हूं कि सभी एचआरटीसी कर्मचारियों की पेंशन आज, 29 अगस्त को जारी कर दी गई है।
अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि दोनों मुद्दे गंभीर हैं, लेकिन इन्हें एक-दूसरे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार भुगतान प्रणाली को दुरुस्त करने और समय पर भुगतान के अपने ट्रैक रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लिए वित्त विभाग के साथ लगातार काम कर रही है।
संस्थान बंद करने को लेकर भी नोकझोंक
सदन में आज नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के बीच भी संस्थान बंद करने को लेकर नोकझोंक हो गई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तीन साल में सरकार ने केवल पूर्व सरकार द्वारा खोले संस्थानों को बंद करने का काम किया है।
सदन में आज मुख्यमंत्री सुक्खू, स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया मंत्री जगत सिंह नेगी और मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौजूद नहीं है।
