दरभंगा में राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने बुधवार को समाहरणालय परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर (OSC) और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की सुविधाओं, कार्यप्रणाली और पीड़ित महिलाओं
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निरीक्षण का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभाव का आकलन करना था। निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने सभी कमरों का भ्रमण किया और जिला मिशन समन्वयक, केंद्र प्रशासक, काउंसलर, पैनल अधिवक्ता, केस वर्कर एवं महिला पुलिसकर्मी से विस्तृत चर्चा की।
निरीक्षण के बाद की तस्वीर।
इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस चांदनी सिंह ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों और सामुदायिक केंद्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
वहीं, केंद्र प्रशासक अजमतुन निशा ने जानकारी दी कि पीड़ित महिलाओं को तुरंत रजिस्ट्रेशन, काउंसलिंग, चिकित्सीय देखभाल, कानूनी सहायता, पुलिस सुरक्षा और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं।
निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य ने एक पीड़ित महिला से संवाद कर उसकी समस्याएं सुनीं और उचित परामर्श दिया। उन्होंने केस मैनेजमेंट और फॉलोअप सिस्टम की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
केस का रजिस्ट्रेशन और फॉलोअप समय पर हो
आयोग ने निर्देश दिया कि हर केस का रजिस्ट्रेशन और फॉलोअप समय पर हो। सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं की गोपनीयता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। जरूरतमंद महिलाओं को हर परिस्थिति में काउंसिलिंग, चिकित्सा, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जाए। स्टाफ को संवेदनशीलता, महिला अधिकार और काउंसलिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण समय-समय पर दिया जाए।
जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, अस्पताल और अन्य हितधारकों के साथ सतत समन्वय बना रहे ताकि पीडि़ताओं को त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण करते हुए।
कोई भी महिला या बालिका न्याय और सहायता से वंचित न रहे
निरीक्षण के अंत में सिन्हा ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर और जिला हब की टीम संवेदनशील, प्रशिक्षित और सहयोगी है और यहां का कार्य वातावरण महिला केंद्रित और पारदर्शी है। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि कोई भी महिला या बालिका न्याय और सहायता से वंचित न रहे।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन, वन स्टॉप सेंटर और जिला हब के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
