बलिया के अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीषा राय की मौत के बाद सील किए गए नर्सिंग होम के दोबारा खुलने पर सवाल उठे हैं। शनिवार को छात्र नेता अविनाश सिंह नंदन के नेतृत्व में छात्र युवाओं ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर इस मामले की जांच की मांग की। छात्र नेता अविनाश सिंह नंदन ने बताया कि 22 मार्च को अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीषा राय की मौत हो गई थी। नर्सिंग होम में कई लापरवाहियां सामने आने के बाद इसे सील कर दिया गया था। बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने 25 अप्रैल को निदेशक (स्वास्थ्य सेवा एवं चिकित्सा), उत्तर प्रदेश सरकार को लिखित सूचना दी थी कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। विवादित अस्पताल का संचालन किया जा रहा नंदन ने सवाल उठाया कि सीएमओ द्वारा सील करने की सूचना दिए जाने के 72 घंटे के भीतर ही अपूर्वा अस्पताल को सीएमओ के आदेश पर कैसे खोल दिया गया। उन्होंने बताया कि जब वे सीएमओ कार्यालय जानकारी लेने पहुंचे, तो पता चला कि सीएमओ छुट्टी पर बलिया से बाहर हैं। छात्र नेता ने आरोप लगाया कि प्रथम दृष्टया सीएमओ की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। सीएमओ कार्यालय से भी अस्पताल को खोलने संबंधी कोई लिखित सूचना नहीं दी जा रही है। छात्र नेता ने मांग की है कि संबंधित सीएमओ को तत्काल निलंबित किया जाए और जनपद वासियों को यह बताया जाए कि किस आदेश के आधार पर इस विवादित अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।
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