लुधियाना में जानकारी देते कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस।
लुधियाना में दो दिन पहले कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की गाड़ी पर फायरिंग हुई थी। इस मामले पर बैंस ने अब चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा कि यह विवाद राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक है।
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सिमरजीत बैंस ने बताया कि उनका अपने बड़े भाई परमजीत सिंह बैंस से कंपनी को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि “मैं अपने बड़े भाई का आज भी सम्मान करता हूं। मैं चाहता था कि ये मामला घर की चारदीवारी तक ही रहे, लेकिन कुछ रिश्तेदारों और राजनीतिक विरोधियों ने माहौल बिगाड़ दिया, इसलिए मुझे मीडिया के सामने आना पड़ा।”
बैंस ने आगे कहा कि 2 नवंबर 2023 को परिवार के बीच बंटवारा हुआ था। कंपनी बैंस अलायंस, जिसे उन्होंने 1996 में शुरू किया था, उस समय उनके हिस्से में आई। बैंस ने कहा कि यह बंटवारा दोनों भाइयों की रजामंदी से हुआ था और परिवार के सामने कागजात पर हस्ताक्षर किए गए थे।
नाखुन से कभी मास अलग नहीं होता बैंस ने कहा कि “नाखून से कभी मास अलग नहीं होता।” उन्होंने बताया कि कंपनी के बंटवारे के बाद उनके बड़े भाई परमजीत को यह महसूस होने लगा कि उन्होंने सही फैसला नहीं लिया। इसी वजह से परमजीत इस फैसले को लेकर कोर्ट भी गए।
बैंस ने कहा कि अगर उनके भाई की बात में दम होता तो कोर्ट उन्हें राहत देती, लेकिन कोर्ट ने किसी तरह की राहत नहीं दी।
दो दिन पहले रात 11 बजे चली डिफेंडर कार पर गोलियां मेरी कंपनी में गोली चली मैंने किसी को भिनक तक नहीं लगने दी। दो दिन पहले रात 11 बजे मेरे पीए मनिंदर मनी पर फायरिंग की गई। मेरी कार डिफेंडर बुरी तरह से तोड़ दी गई। मैंने फिर भी किसी को कुछ नहीं कहा।
लेकिन जब सारा मीडिया मेरे घर तक आ गया तो पुलिस अधिकारी भी पूछताछ करने आए। पुलिस के आने के बाद कार्रवाई होनी स्वाभाविक थी। मेरे रिश्तेदार और मेरे राजनीतिक विरोधियों ने हमारे परिवार में आग लगाने का काम किया है।
मैंने अपने भाई परमजीत को कहा था कि यदि तुम्हें बंटवारे वाले कागज पसंद नहीं है तो मैं आज वो कागज भी फाड़ देता हूं। तुम्हारा बेटा और मेरा बेटा दोनों मिलकर ये कंपनी चालएंगे। इस कंपनी में तुम्हारी कोई दखलअंदाजी नहीं होगी। दोनों बच्चों की देखभाल मैं करुंगा।
बैंस ने कहा कि मेरा भाई हमेशा मुझे कहता रहा है कि सफेद कुर्ता-पजामा पहन कर भाषण करने आसान है लेकिन काम करना मुश्किल है। इसीलिए मैं चाहता था कि दोनों बच्चे मेरे देख-रेख में कंपनी चलाए।
पंजाबियों ने मुझे नाम दिया है वही मेरे साथ जाएगा बैंस ने कहा कि यदि मेरे मन में कोई अभिमान होता तो मैं कभी बंटवारे वाला कागज ना फाड़ता। दोनों विरोधी पार्टियों से आज मैं पूछना चाहता हूं कि जाओ आज मेरे भाई को जनता के बीच लेकर आओ और प्रेस कान्फ्रेंस करवा लो।
मुझे पंजाबियों ने नाम दिया है मेरे साथ मेरा नाम ही जाएगा। मुझे पैसा नहीं चाहिए। लोगों की जो मैं सेवा करता हूं वह विरोधियों से अब बर्दाश्त नहीं रही। मैंने लोगों के लिए जेल काटी है। मुझे बलात्कारी कहे चाहे बिजली चोर कहे मुझे किसी की परवाह नहीं। यदि मैं अपने आप को न्याय नहीं दिलवा सका तो किसी को क्या न्याय दिलवा पाउंगा।
फायरिंग के समय में बाथरुम में था बैंस ने कहा कि जब गोली चली उस समय में बाथरुम में था। मेरा पीए मनी घर के अंदर ही था। दरवाजे पर लगे डिजिटल लॉक में मनी का फेस भी ट्रेस है। यदि ये बाहर होता तो इसका भी नुकसान हो सकता था। मैंने जैसे ही धमाकों की आवाज सुनी तो मैंने मनी से कहा कि क्या हुआ इतने धमाके क्यों हो रहे है। मनी ने मुझे बताया कि पम्मा और जोत दोनों गोलियां चला रहे थे।
पुलिस को मिले 7 गोलियों के खोल भाई और भतीजे ने डिफेंडर कार इन्होंने बुरी तरह से तोड़ दी है। पुलिस को मौके से 7 खोल मिले है। मैंने गेटमैन से पूछा कि श्रीचंद क्या हुआ। गेटमैन भाग कर मेरी तरफ भाग कर आया।
उसने बताया कि गोलियां चल रहे है। मैं और मनी 10 मिनट ड्राइंग रूम में बैठे रहे। मैंने गेटमैन से पूछा कि क्या पम्मा और जोत चले गए लेकिन वह गेट के बाहर ही खड़े थे। उनके जाने के बाद मैं बाहर निकला।
बैंस ने विरोधियों को स्पष्ट रूप से कहा कि मेरा भाई मेरा ही रहेगा। मेरा भतीजा मेरा बेटा रहेगा। मीडिया जब मेरे घर आ गया उसके बाद ही आज पुलिस कार्रवाई की तरफ चली है। मुझे पता है कि हमारे परिवार के ही कुछ लोग है जो मीडिया में जानकारियों देते हैं।
