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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी मौका: नहीं करने पर ₹5 हजार तक का जुर्माना, यहां जानें खुद ITR कैसे फाइल करें

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का आज आखिरी मौका:  नहीं करने पर ₹5 हजार तक का जुर्माना, यहां जानें खुद ITR कैसे फाइल करें


नई दिल्ली13 मिनट पहले

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आज यानी 15 सितंबर को वित्त वर्ष 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का आखिरी दिन है, अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भरा है, तो आप इसे आसानी से घर बैठे भर सकते हैं। समय रहते रिटर्न भरना बेहद जरूरी है, ऐसा न करने पर 5000 रुपए तक जुर्माना और ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन (रीजनल काउंसिल मेंबर CIRC ऑफ ICAI) आपको बता रहे हैं कि आप कैसे 4 स्टेप्स के जरिए आसानी से अपना रिटर्न भर सकते हैं।

1. सभी कागजात तैयार रखें

  • फॉर्म 16: सैलरी, टीडीएस का सबूत।
  • फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS): ये बताते हैं कि आपने कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है।
  • बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र।
  • इन्वेस्टमेंट प्रूफ : एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी आदि।
  • घर/मकान लोन की डिटेल।
  • किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी।

2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें

  • ITR-1 (सहज): यदि आपकी आय वेतन, एक मकान और अन्य स्रोतों (ब्याज) से है और आय ₹50 लाख से कम है।
  • ITR-2: अगर आय वेतन व पेंशन से है और आपके पास एक से अधिक घर है या कैपिटल गेन है।
  • ITR-3: अगर आय बिजनेस या प्रोफेशन से है।
  • ITR-4 (सुगम): प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत रिटर्न फाइल कर रहे है।

3. आईटीआर भरने के विकल्प

  • इनकम टैक्स वेबसाइट (https://incometax.gov.in) पर लॉगिन कर सकते हैं।
  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना पैन और पासवर्ड डालें।
  • अपनी आय के हिसाब से सही फॉर्म चुनकर जानकारी भरें।
  • टैक्स की गणना करें और यदि अतिरिक्त टैक्स देना है तो ऑनलाइन भुगतान करें।

4. आईटीआर वेरिफिकेशन

  • रिटर्न फाइल करने के बाद 30 दिन के अंदर ई-वेरिफिकेशन करना आवश्यक है।
  • वेरिफिकेशन के लिए – आधार OTP, नेट बैंकिंग, डीमैट अकाउंट, बैंक अकाउंट या साइन किए गए ITR-V को बेंगलुरु भेजकर आदि ऑप्शन मौजूद हैं।

विशेषज्ञ की सलाह लें यदि आपका रिटर्न कॉम्प्लिकेटेड है, जिसमें सैलरी, शेयर ट्रेडिंग से आय, कैपिटल गेन, अन्य स्त्रोत से आय, डिडक्शन, होम लोन आदि है तो भविष्य में किसी नोटिस की सम्भावना से बचने के लिए सीए के माध्यम से ही अपना रिटर्न फाइल करें।

अंतिम तिथि चूक गए तो लेट फीस और ब्याज के साथ ये मुश्किलें

  • 15 सितम्बर तक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर 31 दिसम्बर तक फाइल करने पर ₹5,000 का जुर्माना लगेगा।
  • 31 दिसम्बर के बाद फाइल करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना देना होगा।
  • यदि आय ₹5 लाख तक है तो अधिकतम लेट फीस ₹1,000 होगी।

ब्याज का अतिरिक्त बोझ

  • यदि रिटर्न समय पर नहीं भरा गया और टैक्स बाकी है, तो शेष राशि पर हर महीने 1% ब्याज देना होगा।
  • उदाहरण: यदि 16 सितम्बर से रिटर्न दाख़िल किया जाता है और ₹1,00,000 टैक्स बाकी है तो प्रति माह ₹1000 ब्याज लगेगा।

समय से ITR न भरने के कई और नुकसान भी यदि आईटीआर तय तारीख तक नहीं भरा तो पुराने टैक्स व्यवस्था का ऑप्शन नहीं मिलेगा। आयकर रिटर्न समय पर नहीं भरने पर करदाता को नई टैक्स व्यवस्था में ही रिटर्न भरना पड़ेगा। ऐसे में पुरानी व्यवस्था (जहां छूट और डिडक्शन मिलते हैं) का विकल्प नहीं चुन पाएंगे।

₹13 लाख सालाना आय पर 1 दिन की देरी से ₹6,104 का अतिरिक्त बोझ

  • मान लीजिए आपकी आय ₹13 लाख है और टैक्स देनदारी ₹1,04,000 बनती है।
  • यदि आपने 15 सितम्बर को रिटर्न भरा तो केवल ₹1,04,000 देना होगा।
  • लेकिन 16 सितम्बर को भरने पर जुर्माना और ब्याज मिलाकर ₹6104 अतिरिक्त देना होगा।
  • (₹5,000 – धारा 234F के तहत लेट फीस + ₹1040 – धारा 234A के तहत ब्याज = ₹6,104)

रिटर्न में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देने से बचे पिछले कुछ सालों में यह देखने में आया है कि करदाता ने अपनी अन्य स्त्रोत से आय को छुपाया गया या गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस होन इंटरेस्ट और प्रिंसिपल, संस्थाओ या पोलिटिकल पार्टी को चंदा आदि की गलत जानकारी दिखाकर अपना रिटर्न दाखिल किया गया और रिफंड लिया गया है। आज के समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास सभी जानकारी उपलब्ध है, आर्टिफिशल इंटेलीजेंस का प्रयोग करके रिटर्न का डाटा एनालिसिस किया जा रहा है, गलत जानकारी देने से भविष्य में नोटिस आने की सम्भावना रहती है जिसपर भारी ब्याज और जुर्माना देना पड़ेगा।

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