दुर्गा पूजा 2025 की तैयारी को लेकर बांका और मुंगेर सीमा से सटे प्रसिद्ध तेलडीहा दुर्गा मंदिर परिसर में गुरुवार की संध्या बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बांका के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने की, जबकि भवन निर्माण मंत्री जयंत राज ने नेतृत्व किया।
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मंत्री जयंत राज ने बताया कि तेलडीहा दुर्गा मंदिर बांग्ला संस्कृति के अनुरूप परंपरागत ढंग से पूजा के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर को और भव्य बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। साथ ही शंभूगंज से तेलडीहा तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिसे शीघ्र स्वीकृति दिलाने का आश्वासन दिया गया।
भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ और पाठा बली की परंपरा को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग, भीड़ प्रबंधन और स्वयंसेवकों की नियुक्ति के निर्देश दिए। साथ ही स्वयंसेवकों को पहचान पत्र देने की जिम्मेदारी मेला समिति को सौंपी गई।
पूजा पंडालों और जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य
जिला प्रशासन ने साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल की समुचित व्यवस्था करने का आदेश दिया। बिजली प्रमंडल को प्रकाश व्यवस्था और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, मंदिर परिसर की साफ-सफाई मंदिर समिति और बाहरी इलाके की व्यवस्था प्रशासन करेगा।
पूजा पंडालों और जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। फायर ब्रिगेड, ध्वनि विस्तारक यंत्र तथा विसर्जन जुलूस के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति जरूरी होगी। सभी विसर्जन जुलूस पुलिस स्कॉर्ट के साथ निर्धारित समय पर ही होंगे।
एम्बुलेंस की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया
इसके अलावा मेला परिसर में अग्निशमन दस्ते की प्रतिनियुक्ति, चिकित्सक टीम, पैरामेडिकल कर्मी और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। जिला नियंत्रण कक्ष बांका एवं शंभूगंज में विशेष निगरानी रखेगा।
बैठक में तय किया गया कि शांति समिति की बैठक कर अंतिम रूप से सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएंगी ताकि दुर्गा पूजा 2025 शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
