मौसम बदलते ही मच्छर जनित बीमारियों के साथ स्क्रब टाइफस ने भी इस बार खतरनाक रफ्तार पकड़ ली है। एसएमएस अस्पताल में जनवरी में जहां सिर्फ 10 मरीज मिले थे, वहीं अगस्त तक यह आंकड़ा 254 पर पहुंच गया। यानी महज आठ माह में 25 गुना इजाफा।
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मामले और मौतें क्यों बढ़ी? ज्यादा मामले- अच्छी बारिश के बाद भी छिड़काव व रोकथाम नहीं होना। ज्यादा मौतें – बीमारी का ज्यादा घातक (Virulent) रूप प्रभावी होने पर।
- 2022-2023 में मौतें ज्यादा रहने से साफ है कि स्क्रब टाइफस अब हल्की-फुल्की बीमारी नहीं रह गई।
- 2025 में अगस्त तक अचानक मरीजों का रिकॉर्ड इजाफा आने से यह खतरे की घंटी है।
