पंजाब में हेल्थ कार्ड योजना 2 अक्टूबर को लॉन्च नहीं होगी। प्रदेश की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इसे टाल दिया है। सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इसके लिए बाढ़ को वजह करार दिया दिया है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए फंड रखा गया है, टेंडर की
.
इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपए तक की मुफ्त इलाज सुविधा मिलनी थी। पंजाब सरकार ने दावा किया था कि इस स्कीम में राज्य के सारे सरकारी और नामी प्राइवेट अस्पतालों को शामिल किया जाएगा। वहीं, जो हेल्थ कार्ड बनेगा, उसमें गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा लोगों को दी जाएगी।
योजना टालने को लेकर सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने कहा- एक तो पंजाब में बाढ़ आ गई थी। दूसरा सेंटर की एक स्कीम है, जिसमें वह 5 लाख तक कैशलेस इलाज देते हैं। उसमें इसके बाद का 10 लाख तक का खर्चा पंजाब सरकार करेगी, इसको लेकर उनसे बातचीत चल रही है। इस वजह से देरी होगी। अगले दो-तीन दिनों में स्कीम के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
हालांकि, बरनाला और तरनतारन में स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का आज दूसरा दिन है।
तरनतारन में लगाए कैंप में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे लोग।
बाढ़ से 23 जिले प्रभावित, अटकी रही टेंडर प्रक्रिया पंजाब सरकार पिछले कई महीनों से पंजाब में हेल्थ कार्ड योजना लॉन्च करने की तैयारी में थी। इसी बीच अगस्त महीने के अंत में पंजाब में बाढ़ आ गई। राज्य के सभी 23 जिले इससे प्रभावित हुए। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया बीच में ही रुक गई। अब सरकार ने इसे दिसंबर में लॉन्च करने का फैसला किया है।
पंजाब में अभी मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना चल रही पंजाब में पहले से ही मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना चल रही है, जिसके तहत सरकारी और पैनल वाले अस्पतालों में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना में राज्य के 80 प्रतिशत लोग कवर होते हैं।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है, इसके तहत पूरे भारत में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख तक के इलाज की सुविधा दी जाती है। यह योजना सभी राज्यों में लागू है, लेकिन इसमें राज्य सरकार की भागीदारी जरूरी है। यह योजना पंजाब के सभी लोगों के लिए थी।
हेल्थ कार्ड स्कीम से जुड़ी अहम बातें …
- किसी तरह के कार्ड की जरूरत नहीं: AAP सरकार के मुताबिक यह योजना पंजाब के सभी लोगों के लिए है। इससे पहले लोग नीले-पीले कार्डों के चक्कर में फंसे रहते थे। अब सेहत कार्ड के जरिए पंजाब का हर निवासी योग्य होगा।
- 10 लाख तक इलाज, पिछली योजनाओं से अलग: इसमें 10 लाख रुपए तक का इलाज कराया जा सकता है। हर साल इतनी ही रकम का इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि इससे पहले राज्य व केंद्र सरकार की तरफ से जो योजनाएं चल रही थीं, उसमें 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त होता था। यह उनसे अतिरिक्त हाेगी।,
- हर तरह की बीमारियां कवर होंगी: सरकार की तरफ से इसमें हर बीमारी कवर होगी। इसका लाभ सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में भी मिलेगा।
- बिल खुद अस्पताल क्लेम करेगा, मरीज को रुपए नहीं देना होगा: सरकार के मुताबिक यह एक कैशलेस सुविधा है। इसमें पैसे जमा करवाने की जरूरत नहीं है और न ही इलाज के दौरान कोई पैसा खर्च करना होगा। मरीज इलाज कराएगा और खर्चा सरकार सीधे अस्पताल को देगी। मरीज को कोई बिल या किसी तरह का हिसाब-किताब देने की जरूरत नहीं है। अस्पताल अपने स्तर पर सरकार को इसका क्लेम भरेंगे। बिल वगैरह भी वही उपलब्ध कराएंगे।
- पूरे परिवार का एक ही कार्ड बनेगा: सरकार के मुताबिक पूरे परिवार का एक फ्लोटर कार्ड बनेगा। इसकी लिमिट 10 लाख रुपए प्रति वर्ष होगी। इससे परिवार के सभी सदस्य तय राशि तक का इलाज करवा सकेंगे। 10 लाख रुपए तक के इलाज की राशि एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए है।
