मोरहाबादी मैदान में देशभक्ति, जोश और उमंग का माहौल नजर आया। स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत बनाओ थीम पर आयोजित स्वदेशी मैराथन 2025 में हजारों युवाओं, स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ
.
दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे कारगिल युद्ध के वीर कर्नल राणा ने भी हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक को स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं। राज्यपाल ने कहा – “स्वदेशी अपनाना सिर्फ उत्पाद चुनना नहीं, बल्कि देश के श्रम और सम्मान को सम्मान देना है।”
रक्षा राज्य मंत्री बोले – यह दौड़ नहीं, आत्मनिर्भर भारत की ओर जन आंदोलन
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस आयोजन को सांसद खेल महोत्सव से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “आज का युवा भारत के भविष्य की रीढ़ है। अगर वही स्वदेशी उत्पादों का उपयोग और प्रचार करेगा, तो 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा होगा।”

रक्षा राज्य मंत्री बोले – यह दौड़ नहीं, आत्मनिर्भर भारत की ओर जन आंदोलन
तिरंगा लेकर दौड़े युवा, ‘हर घर स्वदेशी’ के नारे से गूंजा शहर
करीब 5 किलोमीटर लंबी इस दौड़ में सुबह से ही युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई प्रतिभागी तिरंगा लेकर दौड़े, तो कईयों ने ‘हर घर स्वदेशी, घर घर स्वदेशी’ लिखे बैनर थाम रखे थे। देशभक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर प्रतिभागी पूरे रास्ते उत्साह से दौड़ते रहे।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे कारगिल युद्ध के वीर कर्नल राणा ने कहा – “देश का हर नागरिक एक सैनिक है, जो स्वदेशी उत्पाद अपनाकर आर्थिक सुरक्षा में योगदान दे सकता है।”

मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर कांटाटोली चौराहा होते हुए वापस मोरहाबादी तक पहुंचा।
‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ संपन्न हुआ आयोजन
मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर कांटाटोली चौराहा होते हुए वापस मोरहाबादी तक पहुंची इस मैराथन में उत्साह चरम पर रहा। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने कहा – “स्वदेशी अपनाना देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है और यही विकसित भारत @2047 का मार्ग है।” आयोजकों ने बताया कि रांची में इस आयोजन की सफलता से प्रेरित होकर अगली बार इसे और बड़े पैमाने पर किया जाएगा।
