बहादुरगढ़ में बढ़े प्रदूषण के बच अपने गंतव्यों को जाते वाहन चालक।
बहादुरगढ़ में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह शहर का औसतन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 315 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि अधिकतम एक्यूआई 400 को भी पार कर गया।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के मौसम में अब प्रदूषक कणों के फैलने की क्षमता कम हो गई है। हवा की गति धीमी होने और तापमान में गिरावट के कारण धूल, धुआं और अन्य हानिकारक गैसें वातावरण में स्थिर हो गई हैं। इसका सीधा असर बहादुरगढ़ की वायु गुणवत्ता पर भी देखा जा रहा है।
बहादुरगढ़ में वेस्ट जुआं ड्रेन से गुजरते वाहन। यहां पर धुंध की तरह प्रदूषण छाया हुआ है।
सुबह-शाम को धुंध जैसी परत छाने लगी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि सुबह और शाम के समय शहर के कई हिस्सों में धुंध जैसी परत छाई रहती है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और आंखों में जलन व गले में खराश जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। ब्रह्मशक्ति अस्पताल से डा. मनीष शर्मा ने चेतावनी दी है कि यह हवा सामान्य लोगों के लिए भी हानिकारक है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों ने फिलहाल सुबह की सैर या बाहर लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी है।

बहादुरगढ़ के दिल्ली रोड से गुजरते वाहन। यहां पर धुंध की तरह प्रदूषण छाया हुआ है।
GRAP-3 स्टेज लागू होने की संभावना दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए पर्यावरण विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि आने वाले दो-तीन दिनों में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो GRAP-3 स्टेज लागू की जा सकती है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक, डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध और वाहनों के लिए कड़े नियम लागू हो सकते हैं।
इधर बहादुरगढ़ में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि आगामी छठ पूजा के दौरान आतिशबाजी होने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पटाखों के प्रयोग से बचें और प्रदूषण घटाने में सहयोग करें।
