‘ASI संदीप लाठर की मौत आत्महत्या नहीं है, बल्कि उन्हें भ्रष्टाचार और दबाव के चलते मारा गया है। जो लोग वहां (चंडीगढ़ में IPS पूरन कुमार के घर) धरने पर बैठे थे और उनके समर्थक हैं, उनके खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए।’
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हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल में तैनात ASI संदीप लाठर के खुदकुशी करने के बाद उनके भाई शीशपाल ने ये आरोप लगाया। संदीप सुसाइड कर चुके IPS पूरन के गनमैन के खिलाफ वसूली मामले में जांच कर रहे थे। उन्होंने 14 अक्टूबर को खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया।
सुसाइड से पहले संदीप ने एक वीडियो और सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें IPS पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले 7 अक्टूबर को IPS पूरन कुमार ने भी सुसाइड कर लिया था। उन्होंने IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार को भेजे 8 पन्ने के आखिरी नोट में 15 अफसरों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था।
IPS पूरन के केस में चंडीगढ़ पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर DGP शत्रुजीत कपूर समेत 15 अफसरों पर केस दर्ज किया है। वहीं संदीप लाठर के केस में उनकी पत्नी संतोष के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार और उनके साले आम आदमी पार्टी के बठिंडा देहात से विधायक अमित रतन समेत 4 लोगों पर FIR हुई है।
अमित रतन पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। उनके PA को 4 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अमित की गिरफ्तारी भी हुई थी और 3 महीने जेल में भी रहना पड़ा था। अमित का इन दोनों सुसाइड केस से क्या कनेक्शन है, दैनिक भास्कर की टीम ने समझने की कोशिश की।
ASI की पत्नी ने FIR में क्यों लिखवाया विधायक नाम? संदीप लाठर सुसाइड केस में दर्ज की गई FIR अभी पब्लिक नहीं हुई है। परिवार के सदस्यों को बस FIR की कॉपी दिखाई गई है। हालांकि सोर्सेज की मानें तो ASI की पत्नी ने आरोप लगाया है कि IPS पूरन, उनकी IAS पत्नी अमनीत और विधायक साले अमित रतन का एक ग्रुप है। ये एक दूसरे के नाम और पद की धौंस जमाकर लोगों को डराते-धमकाते हैं। उसके पति संदीप लाठर के साथ भी यही हुआ। ये ग्रुप उसे भी डरा-धमका रहा था।
हालांकि ASI सुसाइड केस में पुलिस ने अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT बना दी है। DSP दिलीप सिंह के नेतृत्व में बनी SIT में सदर थाना SHO सुरेंद्र कुमार, एक SI और एक ASI शामिल हैं। चार सदस्यीय टीम सुसाइड केस में संबंधित सभी लोगों से जल्द पूछताछ कर सकती है। इनमें IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार और विधायक साले अमित रतन का नाम भी शामिल है।

हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने संदीप लाठर के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की।
संदीप ने आखिरी वीडियो में IPS पूरन को लेकर क्या कहा था पूरन कुमार पर निशाना साधते हुए संदीप ने वीडियो में कहा, ‘जिस दिन पोस्टेड हुए, उन्होंने देखा कि ऑफिस में किस कर्मचारी की क्या जाति है और उन्हें हटाना शुरू कर दिया। अपने करप्ट आदमी लगाने शुरू कर दिए। इन्होंने वहां पर ऐसा माहौल बना दिया कि जो कोई भी आता, पूरन का गनमैन सुशील उससे पैसे मांगने लग जाता था। तुम लोग न्याय की कुर्सी पर बैठे हो और कैसे पैसे मांग रहे हो?’
‘तुम लोगों को परेशान कर रहे हो। क्या ये कुर्सी इसलिए मिली है? इसकी पत्नी IAS है, साला विधायक है। न्याय हमेशा जनता करती है। मैं आज सच्चाई बता रहा हूं। जो इनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दी गई थी, उसी से डरकर उसने सुसाइड किया है।’
‘जब ये देखा कि पाप का घड़ा भर गया, जब पता लगा कि बदनाम होगा तो इसने परिवार को बचाने के लिए सुसाइड कर लिया। घरवाली को भी डर था कि भ्रष्टाचार केस में न आ जाए। आयोग में बैठकर इनके घरवालों ने भ्रष्टाचार किया। इसकी जांच होनी चाहिए। इन्हें इसका लाइसेंस नहीं मिल रहा। सभी की जांच होनी चाहिए। इसने रिश्वत ली है, ये भ्रष्टाचारी आदमी था।’

IPS पूरन के साले अमित रतन पर घूस मांगने का आरोप पंजाब में बठिंडा देहात के विधायक अमित रतन के खिलाफ बठिंडा में घुद्दा गांव की सरपंच सीमा रानी ने FIR लिखवाई थी। ये मामला फरवरी 2023 का है। सरपंच सीमा रानी के पति प्रितपाल ने बताया, ‘अमित रतन ने पहले हमसे गांव में विकास के लिए सरकार की तरफ आए फंड की जानकारी मांगी। फिर 4 लाख रुपए भिजवाने के लिए कहा।‘
‘हमने वजह पूछ तो फिर कहा गया कि पैसे भिजवा देना। हमने पूछा- कहां भिजवाना है? जवाब मिला- PA आपसे कॉन्टैक्ट करेगा। हमने सोच लिया था कि हम विजिलेंस डिपार्टमेंट को विधायक साहब के घूस मांगने की खबर दे देंगे। हमने किया भी वही। हमारी बातचीत का ये ऑडियो लीक हुआ और वायरल हो गया।‘
विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा सरपंच पति प्रितपाल आगे बताते हैं, ‘रिश्वत के 4 लाख रुपए लेने के लिए अमित रतन ने हमें पंजाब सर्किट हाउस में बुलाया। हम पैसा लेकर पहुंचे तो इसके PA ने गाड़ी में ही हमसे पैसे ले लिए और अपनी गाड़ी में रख दिया। हमने इशारा किया तो विजिलेंस टीम ने PA को रंगे हाथों धर दबोचा।’

ये 16 फरवरी 2023 की तस्वीर है, जब बठिंडा में विजिलेंस की टीम ने विधायक के PA रिशम गर्ग को रिश्वत लेते पकड़ा था।
‘विधायक अमित रतन सर्किट हाउस के एक कमरे में बैठा था। जैसे ही इसने बाहर से धरपकड़ की आवाज सुनी ये भाग निकला। आप सोचिए अगर ये निर्दोष होता तो क्यों भागता? हुआ ये कि अचानक सर्किट हाउस की लाइट चली गई। रात का वक्त था, अंधेरा हो गया और ये वहां पहले से तैनात पुलिस वालों के साथ भाग निकला। पुलिस ने इसका साथ इसलिए दिया क्योंकि इसकी पत्नी भी IPS है। हालांकि 3-4 दिन बाद ही अमित रतन की गिरफ्तारी हो गई।’
विधायक के निर्दोष होने के दावे पर सबूत भारी पड़े प्रितपाल आगे बताते हैं, ‘PA के पकड़े जाने के बाद विधायक अमित रतन ने उसे पहचानने से भी इनकार कर दिया। विधायक ने पुलिस से कहा कि सरपंच जिस रशिम गर्ग को मेरा PA बता रहे हैं। वो मेरा PA नहीं है। न ही इस घूस से मेरा कोई कनेक्शन है।’
हालांकि हमने सबूत के तौर पर विजिलेंस टीम को ऑडियो सौंप दिया। इस ऑडियो में विधायक अमित घूस की मांग करते हुए कह रहे थे कि PA पैसा ले लेगा। इस ऑडियो का CFSL लैब में टेस्ट हुआ। जिससे साफ हो गया कि ऑडियो विधायक अमित रतन का ही है।

वे आगे कहते हैं, ‘सर्किट हाउस से विधायक के भागते की तस्वीर भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जो बड़ा सबूत बनी कि वो विजिलेंस टीम को कैसे चकमा देकर भागा। जबकि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें भागने के बजाय कार्रवाई में कोऑपरेट करना चाहिए था।’
वे आगे बताते हैं, ‘डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में केस अब भी चल रहा है। विधायक ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से पावर का इस्तेमाल कर स्टे ले लिया है। हालांकि हमारा वकील ये केस मजबूती से लड़ रहा है। हम पीछे नहीं हटने वाले। सारे सबूत विधायक के खिलाफ हैं। आज नहीं तो कल कोर्ट से सजा होना तय है।’

22 फरवरी 2023 को पंजाब-हरियाणा के बीच स्थित शंभू बार्डर से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। 3 महीने बाद 22 मई को उन्हें बेल मिल सकी थी।
IAS बहन, IPS बहनोई और IPS पत्नी की धौंस जमाकर डराता है विधायक प्रितपाल ने बताया, ‘अमित रतन अपनी IAS बहन, IPS बहनोई और IPS पत्नी का रौब दिखाकर डराता धमकाता है। मुझसे भी कहता था कि अगर कोई काम फंसे तो बताना। ये सब वो सिर्फ मुझसे ही नहीं कहता बल्कि पूरी विधानसभा सीट में इसकी धौंस जमाता है। पहले कहता है कि काम करवाऊंगा और फिर उसके बदले घूस मांगता है।’
क्या इसके खिलाफ और भी केस हैं? वे कहते हैं, ‘FIR तो शायद एक ही है लेकिन इसने कई लोगों से पैसों की मांग की है। इनके पद और रसूख के डर से कोई FIR नहीं करवाता।‘
25 लाख में से मांगे थे 5 लाख, 4 लाख पर तय हुई थी डील गांव के विकास के लिए 2022-23 में 15वें वित्त आयोग ने बठिंडा के घुद्दा गांव को 25 लाख रु. की ग्रांट जारी की थी। ये ग्रांट सरकार की ओर से पंचायत को जारी करनी थी। इसे जारी करने के लिए ही विधायक ने सरपंच से 5 लाख रु. रिश्वत मांगी थी लेकिन डील 4 लाख में तय हो गई।
विजिलेंस टीम ने 16 फरवरी 2023 को 4 लाख रुपए रिश्वत लेते विधायक के PA को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में मामला दर्ज किया गया था।

सरपंच के पति प्रितपाल कुमार का आरोप है कि घुद्दा गांव के लिए जारी हुई 25 लाख रु. की ग्रांट देने के बदले विधायक ने रिश्वत मांगी थी
अब जान लीजिए कहां तक पहुंची IPS पूरन सुसाइड केस की जांच IPS सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। टीम ने पूरन कुमार के लैपटॉप, मोबाइल और हार्ड डिस्क को सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) को भेजा है, ताकि डिजिटल सबूतों की तकनीकी जांच की जा सके।
फोरेंसिक ये पता लगाएगी कि पूरन कुमार ने सुसाइड नोट आत्महत्या से पहले किसी को ईमेल किया था या नहीं, या फिर वे सिर्फ अपने पास ही सेव और प्रिंट किया गया दस्तावेज था। SIT ने कुछ लोगों के बयान सेक्टर-11 थाना चंडीगढ़ में दर्ज किए हैं।
SIT मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही अब SIT पूरन कुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी खंगाल रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले वो किन लोगों के संपर्क में थे। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या पूरन कुमार किसी मानसिक या पेशेवर दबाव में थे और क्या किसी व्यक्ति या परिस्थिति ने उन्हें ये कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
जांच में ये भी सामने आया है कि आत्महत्या से एक दिन पहले पूरन कुमार ने जापान दौरे पर गई पत्नी अमनीत और विदेश में रह रही बेटी से वीडियो कॉल की थी। पत्नी ने उन्हें कई बार कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी थी। बाद में अमनीत ने बेटी को फोन कर पिता को देखने के लिए कहा था।
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IPS पूरन सुसाइड केस- 5 दिन गैरकानूनी कस्टडी, जातीय कमेंट

‘IPS पूरन सिंह 5 दिन तक करीब-करीब किडनैप रहे। ये किडनैपिंग पुलिस के हाथों हुई। उन्हें पुलिस ने शराब व्यापारियों से वसूली के आरोप में पूछताछ के लिए उठाया और ह्यूमिलेट किया। गुनाह कबूलने का दबाव डाला। फिर पुलिस ने इस गैरकानूनी हिरासत के सबूत भी मिटा दिए।’ हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड करने से पहले क्या-क्या हुआ, उसे लेकर एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी ये दावे कर रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…
