मुख्य बातें

1 नवंबर से खुला बारनवापारा अभ्यारण: लेपर्ड सफारी जोन बनेगा आकर्षण केंद्र, बारिश के बाद बढ़ी सुंदरता, पर्यटकों के लिए होंगे तीन द्वार – baloda bazar News

1 नवंबर से खुला बारनवापारा अभ्यारण:  लेपर्ड सफारी जोन बनेगा आकर्षण केंद्र, बारिश के बाद बढ़ी सुंदरता, पर्यटकों के लिए होंगे तीन द्वार – baloda bazar News


बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण, रायपुर से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित 1 नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया है। छत्तीसगढ़ का यह प्रमुख वन्यजीव गंतव्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इस बार लेपर्ड सफारी जोन

.

वर्षा ऋतु के कारण अभ्यारण में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। बारिश खत्म होने के बाद इसकी प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ गई है, जो अब देखते ही बन रही है। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस साल तीन प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं- पकरीद, बरबसपुर और रवान।

इन द्वारों से सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जंगल सफारी के दौरान पर्यटक यहां की समृद्ध वन संपदा और विविध जीव-जंतुओं को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव कर सकेंगे। अभ्यारण में तेंदुआ, भालू, गौर, कृष्णमृग सहित कई अन्य स्तनधारी प्रजातियां और 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।

नया आकर्षण-लेपर्ड सफारी जोन

जो इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को दर्शाती हैं। इस साल विशेष रूप से तैयार किया गया “लेपर्ड सफारी जोन” पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा। बारनवापारा केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति और शांति के चाहने वालों के लिए भी एक आदर्श स्थल है।

यहां की हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और सघन वनों की प्राकृतिक सुंदरता एक अविस्मरणीय अनुभव देती है। पर्यटकों के लिए अभ्यारण परिसर और आसपास के इको-टूरिज्म रिसॉर्ट्स और विश्राम गृहों में रहने की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है, जहां वे प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिता सकते हैं।

वन विभाग की अपील – नियमों का पालन करें

वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने और संरक्षण की भावना को जागृत करने का माध्यम है। हम सभी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का स्वागत करते हैं कि वे इस सत्र में बारनवापारा आएं और इसकी अद्भुत जैव-विविधता का अनुभव करें।

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा और संरक्षण नियमों का पालन करें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *