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संपत पर सैलजा के बयान से अनुशासन समिति का किनारा: चेयरमैन बोले-यह उनका व्यक्तिगत बयान; कहा था- चुनाव में मेरी मदद का नुकसान उठाना पड़ा – Hisar News

संपत पर सैलजा के बयान से अनुशासन समिति का किनारा:  चेयरमैन बोले-यह उनका व्यक्तिगत बयान; कहा था- चुनाव में मेरी मदद का नुकसान उठाना पड़ा – Hisar News


हरियाणा में कांग्रेस की सीनियर नेता एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा के पूर्व मंत्री संपत सिंह को लेकर दिए बयान से कांग्रेस असहज हो गई है। हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति तक यह मामला पहुंच गया है। हालांकि अनुशासन समिति ने उनके बयान से पूरी तरह किनार

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समिति के चेयरमैन पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक ने बताया कि उनके सामने कुमारी सैलजा का बयान आया था। सैलजा पार्टी की सीनियर नेता हैं और उनका बयान पूरी तरह व्यक्तिगत था। मलिक ने कहा कि सैलजा ने पार्टी की लाइन से हटकर कोई बात नहीं की। उन्होंने सैलजा का पूरा बयान देखा है। मलिक ने कहा कि संपत सिंह ने कांग्रेस में रहते जो बयान दिए वह पार्टी लाइन से हटकर थे। अगर वो पार्टी नहीं छोड़ते तो उन पर कार्रवाई तय थी। अनुशासन समिति बनने के बाद अब तक कई शिकायतें आ चुकी हैं। चंडीगढ़ कार्यालय में इन शिकायतों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव के दौरान नारनौंद रैली में संपत सिंह सार्वजनिक रूप से सैलजा के साथ आए थे।

पढ़िए सैलजा के वो बयान जो सुर्खियों में रहे…

  • संपत सिंह पर कहा- मेरी मदद करने का नुकसान हुआ: सैलजा ने हाल ही में सिरसा में कहा था कि संपत सिंह का पार्टी से जाना दुख और दुर्भाग्य की बात है। वो हमारे सीनियर साथी हैं। पार्टी में आने के बाद उनका काफी योगदान रहा है। उन्होंने बहुत मेहनत भी की है और उनकी अपनी पहचान भी है। मेरे अपने चुनाव में उन्होंने मेरी मदद की। हो सकता है इसका नुकसान उनको (संपत सिंह) उठाना पड़ा हो। उन्होंने बहुत बातें मीडिया में कही हैं। सैलजा ने अन्य नेताओं के पार्टी छोड़ने पर कहा कि मेरी व्यक्तिगत सोच यही है कि पार्टी के अंदर के नेताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया जबकि दूसरे नेताओं को अंदर लाने का प्रयास ज्यादा किया गया। ऐसी चीजें रही हैं।
  • किरण-श्रुति के लिए कहा था- उनके साथ ज्यादती हुई: किरण चौधरी और श्रुति चौधरी के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर कुमारी सैलजा ने 18 जून 2024 को बयान दिया दिया था कि किरण चौधरी और उनकी बेटी के साथ इंसाफ नहीं हुआ। हम जानते हैं कि वह कांग्रेस में ही रहतीं, रहना चाहिए था। लेकिन उनके साथ बहुत ज्यादा ज्यादती हुई है। उनके फैसले को लेकर हम क्या कहें। कांग्रेस में रहते साथ में काम करते तो अच्छा होता। मुझे मालूम है कि किरण जी की बेटी (श्रुति चौधरी) हमारी प्रत्याशी होनी चाहिए थीं। लेकिन जिस तरह से उनके साथ बर्ताव किया गया। वह उचित नहीं था।

इन 3 कारणों से नाराज हुई सैलजा, कांग्रेस को नुकसान हुआ…

  1. टिकट वितरण में अनदेखी: कुमारी सैलजा ने हरियाणा में 30 से 35 सीटें अपने समर्थकों के लिए मांगी थीं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने हुड्‌डा समर्थकों को तवज्जो देते हुए 90 में से 72 सीटों पर उनके समर्थकों को टिकट दी। वहीं, सैलजा खेमे के हाथ केवल 4 सीटें लगीं। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा अपने बेहद करीबी डॉ. अजय चौधरी को नारनौंद विधानसभा सीट से टिकट दिलाने में भी कामयाब नहीं हो पाईं। इससे वह नाराज हुईं।
  2. जातिगत टिप्पणी: टिकट वितरण के अंतिम दिन नारनौंद में कांग्रेस उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ के नामांकन कार्यक्रम में एक समर्थक ने कुमारी सैलजा पर जातिगत टिप्पणी की थी। इस मामले ने तूल पकड़ा और जगह-जगह विरोध भी हुआ। दलित समाज सैलजा पर की गई टिप्पणी से आहत है। नारनौंद थाने में जस्सी पेटवाड़ समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ता पर केस भी दर्ज हुआ है।
  3. हुड्‌डा खेमे से तनातनी: हरियाणा कांग्रेस में दो गुट बने हुए हैं। एक गुट हुड्‌डा पिता-पुत्र का है, तो दूसरा गुट SRK से SRB हो गया है। किरण चौधरी भी हुड्‌डा की मनमानी से नाराज होकर भाजपा में चली गई हैं। इसके बाद बीरेंद्र सिंह सैलजा गुट के साथ नजर आने लगे हैं। चुनाव कैंपेन में पोस्टर से लेकर बयानबाजी तक में दोनों खेमों में साफ तौर पर तनातनी देखने को मिली है।
पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा से नाराजगी जता चुके हैं।

पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा से नाराजगी जता चुके हैं।

कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने छोड़ चुके पार्टी, हुड्डा पर ठीकरा भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार दो बार हरियाणा के सीएम रहे। उनके सीएम रहते पार्टी के कई नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। दिग्गज अहीर नेता राव इंद्रजीत सिंह, धर्मबीर सिंह, रमेश कौशिक, जाट नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने साल 2014 के चुनाव से पहले पार्टी छोड़ी।

उनके बाद कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस में अपनी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस का विलय करने के बावजूद पार्टी छोड़ी। एक साल पहले बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी ने पार्टी छोड़ी। हाल ही में पूर्व मंत्री संपत सिंह कांग्रेस छोड़कर इनेलो में लौटे हैं। इन सभी ने पार्टी छोड़ने का ठीकरा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिर फोड़ा। इन नेताओं में बीरेंद्र सिंह ने ही कांग्रेस में वापसी की है। कुलदीप व कैप्टन चल रहे नाराज विधानसभा स्पीकर रहे कुलदीप शर्मा और 6 बार विधायक- मंत्री रहे कैप्टन अजय यादव भी कभी खुलकर तो कभी इशारों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर नाराजगी जता चुके हैं। इन दोनों नेताओं के बयानों को लेकर भी कांग्रेस अनुशासन समिति के पास शिकायतें पहुंची हैं। हालांकि पार्टी के इन सीनियर नेताओं पर अभी कोई सख्त फैसला नहीं लिया गया है।



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