‘सर ने मुझे बैड टच किया, फिर मुझे पकड़कर अपनी ओर खींचने लगे। मैं उनसे छुटकारा पाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने पूरी ताकत ही लगा दी थी। मैं रोने लगी, सर से कहा- आप ये क्या करना चाह रहे हैं। इस पर डांटते हुए बोले- जो कहता हूं, करते जाओ, बहुत दिन से इसका इं
.
मैं उनकी बातें समझ नहीं पाई, जब वो मुझे अपने नजदीक लाकर गंदी हरकत करने लगे, तब मैंने छुटकारा पाने के लिए तेजी से चिल्लाया। इस पर नाराज होकर सर ने मुझे छोड़ तो दिया, लेकिन धमकी दी कि अगर किसी से ये बात बताई तो दोनों की बदनामी होगी। तुम घर से बाहर नहीं निकल सकोगी। काफी सोचने के बाद मैंने सर को सबक सिखाने का फैसला किया।’
यह आपबीती 15 साल की छात्रा ने अपनी चाची को रोते हुए बताईं। उसके शरीर पर संघर्ष के निशान थे। जिसे देखकर चाची का भी खून खौल गया। इसके बाद उन्होंने पूरे परिवार में ट्यूशन पढ़ाने आ रहे टीचर की पोल खोलकर रख दी। ये टीचर उनके घर में 2 साल से पढ़ाने आ रहे थे।
छात्रा के पिता ने 10 नवंबर को रामगढ़ताल थाने में ट्यूशन टीचर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। ये टीचर रामगढ़ताल इलाके में ही किराए के घर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जेब खर्च निकालने के लिए वह घरों में जाकर ट्यूशन भी पढ़ाता है।
11 नवंबर काे यहीं से पुलिस ने टीचर आलोक यादव (25) को दबोच लिया। वो महराजगंज जिले के ठूठीबारी थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव का रहने वाला है। पूछताछ के बाद उसको जेल भेजा गया है। अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए…
पिता बोले- टीचर पर परिवार को अंधविश्वास था… रामगढ़ताल इलाके में रहने वाली छात्रा के पिता इलेक्ट्रीशियन और मां हाउस वाइफ हैं। छात्रा इंग्लिश मीडियम स्कूल में क्लास 9वीं में पढ़ती है। छात्रा के पिता ने बताया- 8वीं क्लास में जब बेटी आई, तो उसके सवालों के जवाब देने में मुझे भी परेशानी होने लगी।
इसी बीच हमारे एक परिचित ने बताया कि वो एक ट्यूशन टीचर को जानते हैं। जो घरों में जाकर पढ़ाता है। मैंने ट्यूशन टीचर को पढ़ाने के लिए रख लिया। रोज ही टीचर दिन में 3 से 4:30 बजे तक मेरी बच्ची को ट्यूशन पढ़ाने आने लगा। इस दौरान उन्हें चाय नाश्ता भी दिया जाता था। एक गुरु की तरह उन्हें सम्मान दिया जाता था। घर के सभी लोग उनपर अंधा विश्वास करते थे। लेकिन वह तो हैवान निकले। गुरु शिष्य के रिश्ते को भी शर्मसार करके रख दिया।
बहन को हॉस्पिटल में देखने गए, बेटी अकेली थी पिता ने बताया- मेरी बहन का शहर के ही एक हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ है। 9 नवंबर की दोपहर 3 बजे पत्नी को साथ लेकर बहन को देखने हॉस्पिटल चला गया। इस दौरान बेटी घर पर थी। घर के बगल में भाई का परिवार भी रहता है, उसकी पत्नी भी घर पर थीं। मैंने बेटी से बोला कि तुम ट्यूशन पढ़कर चाची के पास चले जाना।
हमलोग घर से बाहर निकले, इसके बाद ट्यूशन टीचर आलोक यादव घर पर आए। मगर बेटी को घर में अकेला पाकर उन्होंने बेटी के साथ गंदी हरकतें की। बेटी ने यह बातें अपनी चाची से रो-रोकर बताई।

टीचर ने आते ही पूछा- घर पर कोई नहीं है क्या बेटी ने बताया कि सर पढ़ाने आए, उन्होंने पूछा कि घर पर कोई नहीं है। मैंने बताया कि पापा-मम्मी, बुआ को देखने हॉस्पिटल में गए हैं। इसके बाद वह पढ़ाई कम मजाक ज्यादा कर रहे थे। मैं कुछ समझ नहीं पाई, धीरे-धीरे वह मेरे करीब आने की कोशिश करने लगे। तब मुझे एहसास हुआ कि सर का इरादा ठीक नहीं है।
इसके बाद मैंने सर से कई बार कहा, प्लीज आप चले जाइए। लेकिन वह मुझे बैड टच करने लगे। आखिर में जोर से चिल्लाई, तब वह धमकी देते हुए भागे। चाची भी दौड़कर आईं। मुझे रोते हुए देखकर पूछा क्या हुआ है। मैंने उनसे सारी बातें बताईं।
ट्यूशन टीचर ने कहा- मुझसे गलती हुई…
रामगढ़ताल पुलिस ने ट्यूशन टीचर आलोक यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ट्यूशन टीचर बार-बार कह रहा था कि मुझे माफ कर दो, आगे ऐसी गलती नहीं करूंगा। घरवाले बड़ा अधिकारी बनने के लिए बाहर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए भेजे थे। यहां मैंने कुछ और कर दिया। इससे मेरे साथ ही घरवालों का भी शर्म से सिर झुक जाएगा। कुछ भी कीजिए घर वालों को यह बात न बताइएगा। यह कहकर वह बार-बार अपने किए पर पछतावा कर रहा था।
इस संबंध में रामगढ़ताल थाना प्रभारी, नितिन रघुनाथ ने कहा- पिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई थी। मंगलवार को आरोपी पकड़ लिया गया। कानूनी कार्रवाई करके उसे कोर्ट के सामने पेश किया गया। जहां से उसे जेल भिजवा दिया गया। इस मामले में छात्रा का बयान करा लिया गया है।

DDU प्रोफेसर बोलीं- ट्यूशन टीचर को जांच परखकर रखे गोरखपुर यूनिवर्सिटी समाज शास्त्र की प्रो. संगीता पांडेय ने कहा- आजकल माता-पिता बच्चों की सफलता को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं। खुद व्यस्त होने के कारण उनके लिए घर पर ट्यूशन रखना अनिवार्य जैसा लगने लगा है। ऐसे में बच्चों को बिना जांच पड़ताल किए ग्रेजुएट लड़कों को ट्यूशन के लिए रख लेते हैं।
कभी-कभी स्कूल में पढ़ने वाले टीचर ही अपने किसी परिचित को ट्यूशन कोचिंग के लिए सजेस्ट कर देते हैं। ऐसे में ट्यूशन कोचिंग के नाम पर सप्ताह में केवल एक या दो दिन 1 घंटे का समय देकर 5000 से 10000 तक फीस डिमांड करते हैं। इसको आजकल के पेरेंट्स बढ़ावा दे रहे हैं। धीरे धीरे वे इन युवा टीचर्स पर ज्यादा ही भरोसा करने लगते हैं। शहरों में न्यूक्लियर फैमिली होने के कारण बच्चों की निगरानी में चूक होते ही बच्चे शोषण के शिकार हो जाते हैं।

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