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करनाल ​​​​​के ​​अमित गुप्ता ने हाईकोर्ट में फिर लगाई याचिका: बिजनेसमैन द्वारा नौकरानी से रेप का मामला, कल होगी सुनवाई – Karnal News

करनाल ​​​​​के ​​अमित गुप्ता ने हाईकोर्ट में फिर लगाई याचिका:  बिजनेसमैन द्वारा नौकरानी से रेप का मामला, कल होगी सुनवाई – Karnal News


करनाल में नौकरानी के साथ रेप के मामले में फंसे आरोपी बिजनेसमैन अमित गुप्ता ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। इस मामले में 20 नवंबर को सुनवाई होनी है। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं, वह हाईकोर्ट के फैसले पर

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अब अगली सुनवाई 20 नवंबर यानी कल वीरवार को तय की गई है, जिसमें कोर्ट आगे की कार्रवाई करेगी। इससे पहले आरोपी ने करनाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन उसको करनाल कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अब केस हाई कोर्ट में पेंडिंग है।

काम पर लगने के तीन दिन बाद छेड़छाड़

पीड़िता झारखंड के एक गांव की रहने वाली है। शिकायत के मुताबिक, करीब तीन साल पहले वह दिल्ली में काम करने आई थी और अब एक माह पहले श्याम एजेंसी के जरिए करनाल आई थी। बीते 5 अगस्त को उसे बिजनेसमैन अमित गुप्ता के घर पर काम मिला। महिला का आरोप है कि घर में काम करने के तीसरे दिन ही अमित गुप्ता ने उससे छेड़छाड़ की। बाद में उसने माफी मांगते हुए कहा कि अब दोबारा ऐसा नहीं होगा और उसे काम जारी रखने के लिए कहा।

करनाल मॉडल चौकी फाइल फोटो।

जबरदस्ती कमरे में बुलाकर किया रेप

महिला ने बताया कि 14 अगस्त को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच अमित गुप्ता की पत्नी अस्पताल और बेटी फैक्ट्री गई थी, वह किचन में काम कर रही थी। इस दौरान अमित गुप्ता चाय का बहाना बनाकर उसे ऊपर वाले फ्लोर के कमरे में बुला ले गया। आरोप है कि कमरे में जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया और जबरदस्ती करने लगा। इसके बाद धमकी देकर उसके साथ रेप किया।

धमकी देकर चुप रहने का दबाव बनाया, लालच भी दिया पीड़िता के मुताबिक जब उसने आरोपी से कहा कि वह उसकी पत्नी को सबकुछ बताएगी तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर तुमने किसी को बताया, तो यहां से जिंदा नहीं जा पाओगी। साथ ही आरोपी ने उसे 10 हजार रुपए एक्स्ट्रा देने का लालच भी दिया और कहा कि किसी को मत बताना। महिला ने बताया कि उसकी सैलरी 15 हजार रुपए प्रतिमाह तय थी।

16 अगस्त को घर से निकली, पुलिस के पास पहुंची

पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद 16 अगस्त को वह अमित गुप्ता के घर से निकल गई और पुलिस के पास जाकर अपनी व्यथा बताई। उसने बताया कि कैसे अमित गुप्ता ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और कैसे वह उसके घर से बचकर निकली है। उसने पुलिस से मामले में इंसाफ की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने अमित गुप्ता का नाम सुनते ही उसे थाने से टरका दिया।

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो।

22 अगस्त को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया

पीड़िता ने आगे बताया कि 22 अगस्त को उसने महिला पुलिस चौकी मॉडल टाउन पहुंचकर लिखित शिकायत दी। चौकी इंचार्ज एसआई गीता ने मामले की जांच करते हुए इसे थाना सिविल लाइन भिजवाया। जांच के बाद पुलिस की ओर से आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 और धारा 351 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

पीड़िता बोली- आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति

उधर, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी और उसका परिवार प्रभावशाली है, इसलिए पुलिस तुरंत कार्रवाई नहीं कर रही। उसने साफ कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। बता दें कि अमित गुप्ता बड़ा बिजनेसमैन होने के साथ-साथ एक केंद्रीय मंत्री का नजदीकी रहा है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री की एडमिन ईमेल से अमित गुप्ता को जन्मदिन की बधाई आई थी।

रसूखदारों ने मामले को दबाने की थी कोशिश

करनाल में 25 साल की नौकरानी के साथ 50 साल के बिजनेसमैन द्वारा रेप करने के केस की दोबारा जांच हो रही है। रेप केस को दबाने के लिए बड़े सियासी व बिजनेसमैन रसूखदारों ने कोशिशें की। पीड़िता के बयान बदलवाने की कोशिश की गई। पैसों का लालच दिया गया। दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (NGO) ने यह मामला राष्ट्रीय महिला आयोग और अनुसूचित जनजाति (ST) आयोग के संज्ञान में लाया।

आयोग के दखल के बाद करनाल पुलिस ने ASP स्तर पर जांच शुरू कर दी थी। आरोपी कारोबारी अमित गुप्ता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका भी लगाई, लेकिन कोर्ट से खारिज हो गई। फिलहाल वह फरार है।

वहीं करनाल के SP गंगाराम पूनिया ने भी बताया था कि शुरुआत में जो बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए, उसमें घटना से इनकार कर दिया था। फिर भी पुलिस ने जांच जारी रखी। कुछ और तथ्य सामने आने पर जिला पुलिस की जांच इकाई ने ही महिला का दोबारा पता कर बयान दर्ज किए व मजिस्ट्रेट के समक्ष दोबारा बयान दर्ज कराए हैं। बयानों में जो तथ्य उल्लेखित किए हैं उनके आधार पर जांच जारी है।

करनाल एफआईआर में दर्ज अमित गुप्ता का नाम।

करनाल एफआईआर में दर्ज अमित गुप्ता का नाम।

दिल्ली की एजेंसी ने करनाल भेजी थी आदिवासी महिला

आदिवासी महिला झारखंड की रहने वाली है और अनुसूचित जनजाति से है। उसे एक सर्विस एजेंसी के जरिए दिल्ली से करनाल घरेलू काम के लिए भेजा गया था। आयोग को की गई शिकायत में आरोप है कि यह श्याम एजेंसी मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल है। 5 अगस्त 2025 को एजेंसी ने युवती को करनाल भेजा। यहां महिला को मॉडल टाउन क्षेत्र में रहने वाले कारोबारी के घर काम पर लगाया गया।

14 अगस्त को रेप, अकेले होने का फायदा उठाने का आरोप

शिकायत के अनुसार, 14 अगस्त 2025 को कारोबारी ने उस समय रेप किया जब उसकी पत्नी अस्पताल में और बेटी फैक्ट्री में थी। अपने साथ हुई बर्बरता से युवती सदमे में थी, लेकिन 22 अगस्त 2025 को मॉडल टाउन चौकी में आरोपी के खिलाफ रेप की FIR दर्ज करवाई गई। FIR दर्ज होते ही मामले की चर्चा पूरे शहर में फैल गई, क्योंकि आरोपी की आर्थिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत बताई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उसे जन्मदिन की बधाई दे चुके हैं।

पैसे और दबाव से महिला को चुप कराने का आरोप

FIR दर्ज होते ही कई बड़े लोग बीच में आए। खबर है कि आरोपी की तरफ से पैसे और दबाव के दम पर मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। महिला को डराकर उसके बयान आरोपी के पक्ष में दिलवाए गए। यह भी कहा जा रहा है कि इसमें एक वकील की भी भूमिका रही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई अमित गुप्ता को जन्मदिन की बधाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई अमित गुप्ता को जन्मदिन की बधाई।

दिल्ली जाकर अनुसूचित जनजाति आयोग में की शिकायत

पीड़िता यहां से दिल्ली लौटी, जहां एक NGO के संपर्क में आई। इसके बाद से NGO इस केस को लड़ रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाए कि उसे धमकाकर गलत बयान देने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसने बीती 28 अगस्त को अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत दे दी। शिकायत पर आयोग ने करनाल पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग के दबाव के बाद करनाल के SP गंगाराम पूनिया ने मामले की जांच ASP को सौंप दी।

बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट से लगा झटका

गिरफ्तारी के डर से कारोबारी ने अग्रिम जमानत की याचिका लगाई। इस दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि महिला से दबाव में गलत बयान दिलवाए गए थे और मामले में कई रसूखदार शामिल हैं। कोर्ट ने 1 नवंबर को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार है। अब आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई हुई है।

कई आरोपियों की भूमिका की जांच की मांग

पीड़िता ने कोर्ट और पुलिस को बताया है कि इस पूरे मामले में रेप के आरोपी कारोबारी के साथ-साथ श्याम एजेंसी का मालिक, NGO चलाने वाली दीपशिखा, प्रभा मुनि और रोहित मुनि की भूमिका भी जांच के घेरे में लाई जाए।



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