मुख्य बातें

एसआईआर का फॉर्म भरने में छूट गए पसीने: पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बोले– मैं एमए पास फिर भी 20 बार सोचना पड़ा,अबूझमाड़ के लोगों का क्या होगा – Raipur News

एसआईआर का फॉर्म भरने में छूट गए पसीने:  पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बोले– मैं एमए पास फिर भी 20 बार सोचना पड़ा,अबूझमाड़ के लोगों का क्या होगा – Raipur News


पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एसआईआर फॉर्म को जटिल बताया है, उन्होंने कहा कि एम.ए पास होने के बाद भी फॉर्म भरने में मेरे पसीने छूट गए तो अबूझमाड़ में रह रहे व्यक्ति का क्या होगा। उन्होंने कहा कि “मैं एम.ए. पास हूं, तथाकथित दुनिया देख चुका हूं,

.

टी.एस.सिंहदेव

दैनिक भास्कर से बातचीत में सिंहदेव ने कहा कि यह साझा करने में मुझे कोई संकोच नहीं है कि नाम के लिए पसीना भर नहीं निकला,फॉर्म की जटिलताएं और भरने में गलती न हो जाए का जो दबाव है,मैं एम.ए पास व्यक्ति, तथाकथित दुनिया देखा हुआ व्यक्ति हूं, फिर भी मुझे 20 बार सोचना पड़ रहा था कि कहीं मुझसे गलती न हो जाए, अबूझमाड़ के व्यक्ति के साथ क्या होगा, ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति के साथ क्या होगा,फॉर्म अभी तक ठीक से नहीं बंट पाए हैं, इसी को लेकर हमने पार्टी की मीटिंग भी बुलाई, किसी मीडिया के साथी के पास फॉर्म नहीं पहुंचा था, समय कम, जब फॉर्म आएगा तब उसे भरने की जटिलताएं, 2003 में किसका था, किसका नहीं था ।

कांग्रेस ने बनाया कंट्रोल रूम, 90 विधानसभा में मास्टर ट्रेनर तैनात

एसआईआर अभियान की निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस भवन में एक बड़ा कंट्रोल रूम बनाया गया है। सलाम रिजवी को इसका संयोजक नियुक्त किया गया है। कंट्रोल रूम जिलों से आने वाली शिकायतों, मतदाताओं के नाम काटे जाने और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करेगा।

कांग्रेस ने सभी जिलों में मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए हैं, जो बूथ लेवल एजेंट और कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया समझाएंगे। यह भी निर्देश दिया गया है कि बिना कारण किसी मतदाता का नाम न हटने पाए।

समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग

कांग्रेस ने कहा कि इस समय राज्य में धान खरीदी चल रही है, किसान बेहद व्यस्त हैं। ऐसे में एसआईआर की समय सीमा तीन महीने बढ़ाई जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर का इस्तेमाल कांग्रेस के मजबूत बूथों में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।

बीएलओ घर-घर जाएं, फोटोकॉपी और फोटो की व्यवस्था आयोग करे

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करें और मतदाता से लिखित पुष्टि लें। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वालों के पास फोटो खिंचवाने या फोटोकॉपी कराने की सुविधा नहीं है—इसका खर्च और जिम्मेदारी आयोग को उठानी चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *