सरायकेला के कांड्रा थाना क्षेत्र के पालोबेड़ा गांव में रविवार तड़के एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। हुदु पंचायत क्षेत्र में गिट्टी से भरा एक हाईवा (संख्या—JH05CD-6403) बेकाबू होकर सीधे एक मिट्टी के बने घर पर
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बीरबल की पत्नी संयोगवश बच गईं, लेकिन उन्हें हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज धमाके के बाद लोग घरों से बाहर भागे और मलबा हटाने की कोशिश की, पर तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। गांव भर में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस घटना से सदमे में है।
ग्रामीणों का आरोप – कंपनी के वाहन बन चुके हैं मौत का सबब
हादसे के बाद ग्रामीणों ने साफ आरोप लगाया कि लीडिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी के भारी वाहन अक्सर गांव से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार कंपनी और प्रशासन तक शिकायतें पहुंचाईं, लेकिन न तो रफ्तार पर रोक लगी और न ही सुरक्षा के उपाय किए गए।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की संकरी सड़कों से रोजाना गुजरने वाले ये भारी वाहन लोगों के लिए खतरे की रेखा बन चुके हैं। हादसा न सिर्फ लापरवाही का नतीजा है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की एक कड़वी तस्वीर भी पेश करता है। बीरबल मुर्मू एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
गुस्से में ग्रामीण, मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े
दुर्घटना के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीण सड़क पर उतर आए और लीडिंग कंस्ट्रक्शन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और गांव में सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग की। विरोध इतना प्रबल था कि सड़क कुछ समय के लिए जाम हो गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
