बोकारो इस्पात प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ भूखंडधारियों और व्यापारियों ने मंगलवार को नगर सेवा विभाग के समक्ष महाधरना दिया। बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल शॉप, नर्सिंग होम और डे
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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) प्रबंधन लीज नवीकरण के नाम पर मनमाने ढंग से अत्यधिक शुल्क वसूल रहा है। चैंबर के महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने बताया कि सिटी सेंटर में 501 वर्गमीटर के प्लॉट का वन-टाइम लीज कॉस्ट पहले लगभग 33 हजार रुपए होता था, जिसकी अवधि 33 साल थी।
अब उसी प्लॉट के नवीकरण के लिए प्रबंधन द्वारा करीब 35 लाख रुपए की मांग की जा रही है, जो पूर्व शुल्क से सैकड़ों गुना अधिक है। राजकुमार जायसवाल ने इस वृद्धि को अव्यावहारिक और शोषणकारी करार दिया।
इसी तरह, सालाना लीज रेंट और सर्विस चार्ज, जो पहले कुल 848 रुपये (600 रुपए सर्विस चार्ज तथा 248 रुपए लीज रेंट) लिया जाता था, उसे बढ़ाकर अब करीब 3,93,558 रुपए सालाना कर दिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि इतनी भारी-भरकम वृद्धि उचित नहीं है और यह छोटे व मध्यम व्यवसायों के लिए अस्तित्व का संकट बन चुकी है। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दुकानें जारी रखने पर लीज रद्द करने और जबरन वसूली जैसी धमकियां भी दी जा रही हैं।
अलग से पार्किंग शुल्क थोपना अनुचित: चैंबर
व्यापारियों ने नई प्रतिबंधित ट्रेड पॉलिसी को भी अव्यावहारिक और व्यवसाय-विरोधी बताया। उनका कहना है कि इस नीति के लागू होने से कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। चैंबर ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले से ही लीज रेंट, सर्विस चार्ज और अन्य मदों में राशि ली जाती है, ऐसे में अलग से पार्किंग शुल्क थोपना अनुचित है। उन्होंने कहा कि पार्किंग व्यवस्था विकसित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है, न कि व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालना।
चैंबर ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। धरना स्थल पर सभी प्लॉटधारकों और व्यापारियों से एकजुट रहने की अपील की गई।
