हाथरस2 मिनट पहले
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हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान एक उप निरीक्षक की गवाही दर्ज की गई। मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को निर्धारित की गई है। यह घटना पिछले साल 2 जुलाई को सिकंद्राराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में हुई थी, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 121 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ 3200 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। न्यायालय में सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि सुनवाई के दौरान उप निरीक्षक राधेश कुमार सिंह ने गवाही दी। उन्होंने न्यायालय को बताया कि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे और उनकी तैनाती काफी दूर थी, इसलिए उन्हें घटना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है।
सभी आरोपियों की हो चुकी है जमानत…
अधिवक्ता पुंडीर ने मुख्य आरोपियों के नाम भी बताए, जिनमें देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना पुलिस की लापरवाही का परिणाम थी, जिसके चलते कुछ पुलिसकर्मी निलंबित भी हुए थे।
